शेर-ए-ख़ुदा मस्जिद में आजमीने हज की गुलपोशी कर की गई दुआए खैर

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जीअकादा, 1447 हिजरी 

   फरमाने रसूल      

आदमी अपने दोस्त के दीन पर होता है, पस तुम में से हर एक को देखना चाहिए कि वह किसको दोस्त बना रहा है।

 - तिरमीज़ी 

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✅ बख्तावर अदब : भिलाई

    शेर-ए-ख़ुदा मस्जिद, हाउसिंग बोर्ड में जुमे की नमाज़ के बाद हज के मुबारक सफ़र पर रवाना होने वाले खुशनसीब लोगों का भिलाई मुस्लिम एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी और मस्जिद कमेटी की ओर से इस्तकबाल किया गया।

    मस्जिद कमेटी के सदर हाजी मोहम्मद ताहिर सिद्दीकी और इमामो-खतीब अल्लामा हाफिज व क़ारी ताज़ीम अहमद जामई ने आजमीने हज के लिए नेक तमन्नाओं का इज़हार किया और उनके सफ़र की कामयाबी के लिए दुआ की।  मस्जिद में सलातो सलाम के नज़राने के साथ तमाम जायरीनों के लिए सेहत व सलामती और हज की कबूलियत के लिए खास दुआएं की गईं। 

    वहीं आजमीने हज ने भी अवाम से अपनी कामयाबी और आसानी के लिए दुआओं की दरख्वास्त की। हज पर जाने वालों में हसन कोया, मोहम्मद इफ़्तेख़ार खान, नसरुद्दीन और रिज़वान अंसारी का फूलों के हार से इस्तकबाल कर उन्हें मुबारकबाद पेश की गई। प्रोग्राम को कामयाब बनाने में तंजीम के तर्जुमान और आर्किटेक्ट हाजी एमएच सिद्दीकी की खास भागीदारी रही। इस मौके पर रशीद खान, हाजी मोहम्मद हदीस, हाजी मुश्ताक अहमद, जाकिर हुसैन, इस्तेख़ार सिद्दीकी, जावेद खान, मेराज खान, नज़ीर, असद, आफ़ताब, ज़ैद, अली, फैजान, फ़िरोज़, अबरार, आमिर, इमरान, सुब्हान, दिलशाद, अहमद रज़ा, अहमद हुसैन, अब्दुल मजीद, हाजी अशफ़ाक़ और हाजी अलीम समेत दीगर अफराद मौजूद थे। 



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