आ रहे हैं, मौलाना हासिम कानपुरी और हजरत सैयद जामी अशरफ, तैयारी में जुटी अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी

 जिल हज्ज, 1447 हिजरी 

फरमाने रसूल   

जिस बंदे के कदम अल्लाह की राह में गुबार आलूद हो गए उन्हें जहन्नम की आग छुए, ये नामुमकिन है। 

- सहीह बुखारी 


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बख्तावर अदब : दुर्ग

    मुहर्रम उल हराम के मौके पर अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन की जानिब से शहर के वार्ड 8, तकिया पारा ईदगाह मैदान में रवायत के मुताबिक इस साल भी दस रोजा तकरीरी प्रोग्राम का इनएकाद किया जा रहा है। प्रोग्राम के तहत पहली मोहर्रम से दसवीं मोहर्रम तक हजरत मौलाना हासिम कानपुरी, (कानपुर) शोहदा-ए-कर्बला के मौजू पर कौम से खिताब करेंगे। इसके अलावा 8 से 10 मोहर्रम तक हजरत सैय्यद जामी अशरफ, किछौछा शरीफ (उप्र) की तकरीर होगी। 

    अंजुमन के जुनैद आज़मी ने बताया कि अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन की जानिब से तकरीरी प्रोग्राम का यह 65वा साल है। इस साल इसकी शुरुआत 17 जून को बाद नमाज़ मगरिब परचम कुशाई से होगी। 18 जून, जुमेरात से 26 जून, बरोजे जुमा तक मुकर्ररीन कौम से खिताब करेंगे। 

    गौरतलब है कि सरकार जामी मियां की तवील अर्से बाद शहर में तशरीफ आवरी हो रही है। इसे लेकर हजरत के हामियों और अकीदतमंदों में खुशी का माहौल है। जुनैद के मुताबिक तकरीरी प्रोग्राम का मकसद मआशरे में भाईचारा, मुहब्बत और इख्लाकी एक्तेदार को फरोग देना है। 

    गुजिश्ता सालों की अकीदतमंदों की भीड़ को देखते हुए इस साल भी कसीर तादाद में अकीदतमंदों के आने की उम्मीद की जा रही है। इसे देखते हुए तंजीम की जानिब से बेहतर इंतजाम किए जा रहे हैं। बारिश के मददेनजर वाटरप्रूफिंग का भी इंतेजाम किया जा रहा है। खवातीन के लिए अलग इंतेजाम रहेगा। 


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