मस्जिद नबवीﷺ में एक साल के दौरान 8 हज़ार से ज़ाईद तलबा ने किया हिफ़्ज़

 शाअबान उल मोअज्जम, 1447 हिजरी 

   फरमाने रसूल       

"तुम अपने लिए भलाई के अलावा कोई और दुआ ना करो क्योंकि जो तुम कहते हो उस पर फरिश्ते आमीन कहते है।"

- मुस्लिम


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/ बख्तावर अदब : मदीना मुनव्वरा 

    मस्जिद नबवी ﷺ  में 2025 के दौरान कुरआनी ताअलीम के हलक़ों में 8 हज़ार 335 तलबा-ओ-तालिबात ने क़ुरआन-ए-करीम हिफ़्ज़ किया। गौरतलब है कि मस्जिद नबवी ﷺ में जारी दीनी तालीमात के प्रोग्राम से आम तलबा ही नहीं, दुनिया के मुख़्तलिफ़ मुल्कों से आने वाले ज़ाइरीन और हुज्जाज भी फ़ैज़याब होते हैं।
    जारी आदाद-ओ-शुमार के मुताबिक़ मस्जिद नबवी ﷺ के दर्स-ए-क़ुरआन के हलक़ों से सालाना 1.2 मिलियन उमरा ज़ाइरीन-ओ-हुज्जाज मुस्तफ़ीज़ होते हैं। इसी तरह हर साल 2 लाख के क़रीब क़ुरआन-ए-करीम और सुन्नत नबवी ﷺ की क्लासों से फ़ारिग़ होने वालों को अस्नाद जारी किए जाते हैं, साथ ही हर साल तकरीबन 2 लाख नए तलबा-ओ-तालिबात रजिस्टर किए किए जाते हैं।
    
मस्जिद नबवी ﷺ के हलक़ों में गुजिश्ता बरस 170 ममालिक के तलबा मुस्तफ़ीज़ हुए और एक लाख छयासी हज़ार के क़रीब सुन्नत नबवी ﷺ के लाईसेंस जारी किए गए।
    वर्चूअल कुरआनी तालीम प्रोग्राम में 40 हज़ार तलबा-ओ-तालिबात का रजिस्ट्रेशन किया गया जिसके लिए 3 हज़ार से जाईद तालीमी हलक़ों का बंदोबस्त किया गया, इन हलक़ों की निगरानी के लिए 1500 मर्द व ख़वातीन असातिज़ा को मुतय्यन किया गया। दौराने ताअलीम तलबा की खुराक की जरूरीयात को पूरा करने हर रोज 30 लाख से जाईद खुराक के पैकेटस तकसीम किए जाते हैं। 

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