शाअबान उल मोअज्जम, 1447 हिजरी
﷽
फरमाने रसूल ﷺ ।
"रसुल अल्लाह ﷺ ने एक शख्स को सूरह अखलास पढ़ते हुए सुना तो फरमाया, इसके लिए जन्नत वाजिब हो गई।"
- जमाह तिर्मिज़ी
मस्जिद नबवी ﷺ की इमारत के हवाले से तारीख़ी मालूमात
क़दीम दस्तावेज और खतों की नुमाइश देखने उमड़ी भीड़
इदार-ए-उमूर हरमैन शरीफैन की जानिब से मदीना मुनव्वरा में मस्जिद नबवी ﷺ के फ़ने तामीर की नुमाइश किया गया है जिसे देखने कसीर तादाद में लोग पहुंच रहे हैं। नुमाइश में मस्जिद की तारीख़ और तौसीअ के मुख्तलिफ मराहिल (स्टेप्स) इबतिदाई तामीर से लेकर अब तक होने वाली तामीरात की तफ़सीलात, कदीम दस्तावेज, इब्तिदाई नक्शा, खतों और उसकी तर्जें ताअमीर से लेकर अब तक के तमाम मराहिल को मुजस्सम शक्ल दी गई है।
नुमाइश के इंतिज़ामात और दीगर उमूर की ज़िम्मेदारी उदार-ए-उमूर हरमैन की है। इदारे की जानिब से मस्जिद नबवी ﷺ की इमारत के हवाले से तारीख़ी मालूमात, क़दीम दस्तावेज़ात और मख़तूतात की नुमाइश का भी एहतिमाम किया गया है।
मस्जिद नबवी ﷺ के जुनूब में 2200 मुरब्बा मीटर रक़बे पर लगी ये नुमाइश मुख़्तलिफ़ हिस्सों और एंटर एक्टीव डिस्प्ले में तक़सीम है जो मस्जिद की ताअमीर की इबतिदा के बारे में आगाही फ़राहम करते हैं।
नुमाइश में नबी अकरम ﷺ के अह्द में मस्जिद नबवी ﷺ का मुजस्सम मॉडल, ख़ुलफ़ाए राशदीन के बाद होने वाली तौसीअ से लेकर सऊदी दौर के तमाम तौसीही मराहिल को नुमायां किया गया है। साथ ही मस्जिद की तारीख़, मुनफ़रद तामीराती ख़सुसीआत और वक़्त के साथ देखभाल के हवाले से किए जाने वाले इक़दामात का भी पता चलता है।
नुमाइश में मस्जिद नबवी ﷺ की नायाब और तारीख़ी तसावीर और दस्तावेज़ात के अलावा क़दीम मिंबर-ओ-मेहराब, मीनार और दीगर क़दीम अश्या भी मौजूद हैं। जो नुमाइश में आने वालों के मस्जिद नबवी ﷺ से मज़हबी और तारीख़ी ताल्लुक़ को मज़बूत करते हैं।

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