रियाद मेट्रो रेड लाईन की होगी बढ़ोतरी, पांच नए स्टेशन बनेंगे

 शाअबान उल मोअज्जम, 1447 हिजरी 

﷽ 

  फरमाने रसूल    ﷺ  

"जो कोई नजूमी (ज्योतिश) के पास जाए फिर उससे कुछ पूछे तो उसकी चालीस रात की नमाज़े क़ुबूल न होगी।"

- मुस्लिम

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बख्तावर अदब : रियाद

    रियाद रॉयल कमीशन ने रियाद मेट्रो की रेड लाईन की तौसीअ के डिज़ाइन, ताअमीर और तकमील के मंसूबे का ऐलान किया है। खबरों के मुताबिक तौसीअ (बढ़ोतरी) मंसूबे के तहत मौजूदा ट्रैक में 8.4 किलो मीटर का इज़ाफ़ा किया जाएगा। जिसक बाद इसका दायरा किंग सऊद यूनीवर्सिटी से अलदरह डेवलपमेंट गेट प्रोजेक्ट तक बढ़ जाएगा। इस बीच इस ट्रैक पर पांच नए स्टेशन भी बनाए जाएंगे। 



    रेड लाईन की तौसीअ दारुल हुकूमत के पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मुकम्मल करने के अलावा अहम इलाक़ों, रिहायशी कम्यूनिटीज़, तालीमी, सक़ाफ़्ती और सेहत के मराकज़ के दरमयान राब्ता बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है ताकि शहरी आबादी को ट्रांसपोर्टेशन के हवाले से मज़ीद सहूलत फ़राहम हो सके।

    वज़ीर-ए-ममलकत और रुकन काबीना, रियाद रॉयल कमीशन के सीईओ इंजीनियर इब्राहिम अलस्तान का कहना है रियाद मेट्रो का आगाज़ 2024 के आख़िर में हुआ था। तब से अब तक 173 मिलियन अफ़राद इस मंसूबे से मुस्तफ़ीज़ हो चुके हैं। 

    इस ट्रैक पर बनाए जाने वाले स्टेशनों में किंग सऊद यूनीवर्सिटी के अलावा अलदरएहि में बनने वाले स्टेशन शामिल हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगले छह सालों के दरमियान ये काम मुकम्मल हो जाएगा जिसके बाद शहर पर ट्रैफ़िक की सूरत-ए-हाल में बेहतरी आएगी। उम्मीद जताई जा रही है ट्रैक का काम मुकम्मल होने के बाद शहर से हर रोज 150 हज़ार गाड़ियां कम हो जाएंगी। जिससे ट्रैफ़िक इज़दहाम के मसले पर भी काफ़ी हद तक क़ाबू पाया जा सकेगा। 

बढ़ी मुसाफिरों की तादाद, तीन माह के दौरान 46.7 मिलियन अफ़राद ने किया सफर 

सऊदी ट्रांसपोर्ट जनरल अथार्टी का कहना है ममलकतभर में रेल ट्रांसपोर्ट से 2025 के आखिरी चार महीनों के दौरान तक़रीबन 46.7 मुसाफ़िरों ने सफ़र किया जो 2024 के मुकाबले 99 फीसद ज्यादा है। 

    इसी तरह गुजिश्ता बरस के दौरान रेलवे के ज़रीये 4.09 टन कार्गो ट्रांसपोर्ट किए गए। ट्रांसपोर्ट किए जाने वाले कंटेनरज़ की तादाद 2 लाख 27 हज़ार से ज़्यादा रही। 




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