सऊदी स्टूडेंट्स ने 2025 में 129 इनामात जीतकर दुनिया में लहराया परचम

रज्जब उल मुरज्जब, 1447 हिजरी 
फरमाने रसूल ﷺ
जिस शख्स की रूह इस हाल में उसके जिस्म से जुदा हो के वो तीन चीजों से बरी हो तो वो जन्नत में जाएगा
1, तकब्बुर
2, कर्ज और 
3 खयानत 
- मसनद अहमद 
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बख्तावर अदब : रियाद 

    सऊदी तलबा ने साल 2025 के दौरान 26 इंटरनेशनल ओलंपियाड और इंटरनेशनल साईंस एंड इंजीनीयरिंग फेयर (आईएसईएफ़) में 129 आलमी अवार्ड्स हासिल कर दुनियाभर में अपनी ज़हानत का पर्चम लहराया।
    तलबा (स्टूडेंट्स) की कामयाबी के पीछे किंग अबदुल अज़ीज़ फ़ाउंडेशन एंड वज़ारात-ए-तलीम की मुशतर्का (साझा) कोशिशें शामिल है जिनके ज़रीये तलबा की तख़लीक़ी सलाहियतों को उरूज मिला। 



    रिपोर्ट में कहा गया कि ममलकत ने अमरीका की मेज़बानी में इंटरनेशनल साईंस एंड इंजीनीयरिंग फेयर में आलमी सतह पर अपना दूसरा मुक़ाम बरक़रार रखा जिसके साथ सऊदी टीमों के हासिल करदा मजमूई इनामात की तादाद 996 तक पहुंच गई।
    सबसे बड़े और पहले साईंसी और रियाज़ी ओलंपियाड का इजरा वज़ारात-ए-तलीम की जानिब से किया गया था जिसके तहत 800 असातजा की जेरे निगरानी में 47 शहरों के डेढ़ लाख तलबा को तैयार कराया गया था। 
    रिपोर्ट में कहा गया नेशनल ओलंपियाड फ़ार साईंटिफिक क्रिएटिविटी 2026 के रजिस्ट्रेशन के हवाले से नया रिकार्ड क़ायम हुआ जो 16 एजूकेशनल इदारों के तीन लाख 58 हज़ार तलबा पर मुश्तमिल था जबकि बैरून ममलकत से भी तलबा इसमें शामिल हुए। 
    ख़्याल रहे प्रोग्राम से मुस्तफ़ीज़ होने वाले तलबा की तादाद 31 हज़ार से तजावुज़ (पार) कर गई जिनमें से 14 हज़ार से ज़ाइद तालीमी और तहक़ीक़ी प्रोग्रामों से ताल्लुक़ रखते हैं।

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