ज़कात का मुनज्जम और ताअलीम पर मरकूज इस्तेमाल ही फाउंडेशन की खूबी : बुखारी

 रबि उल अव्वल, 1448 हिजरी

   फरमाने रसूल   

लोगों को अपने शर से महफूज़ कर दो, उन्हें तकलीफ ना पहुंचाओ के ये भी एक सदका है, जिसे आप खुद अपने आप पर करोगे।

- सहीह बुखारी 


छत्तीसगढ़ ज़कात फाउंडेशन ने 350 बच्चों को स्कॉलरशिप से नवाज़ा
रियासतभर में दी जाएगी करीब 52 लाख की स्कॉलरशिप
68 असातजा भी नवाजे जाएंगे एजाज से 
मिशन तालीम के जरिए ताअलीम, हुनर और रोज़गार के शोबे में काम कर रहा फाउंडेशन
अब तक 8,000 से जाइद तुलबा मिशन की स्कीम से मुस्तफीज


bakhtawar adab, hamza travel tales

✅ बख्तावर अदब : रायपुर

    छत्तीसगढ़ ज़कात फाउंडेशन की जानिब से मिशन तालीम के तहत मुनाकिद 12वें एज़ाज़ी प्रोग्राम में शहरे रायपुर व आसपास के करीब 350 तुलबा को स्कॉलरशिप दी गई वहीं ताअलीम के शोबे में बेहतरीन कारकर्दगी का मुजाहिरा करने वाले 68 असातजा समेत होनहार तुलबा, नीट व दीगर कांपीटीटिव एग्जाम में कामयाब बच्चों, खिलाड़ियों, टॉपर्स व उर्दू-अरबी कैलीग्राफी और हीना आर्ट में बेहतरीन मुजाहिरा करने वाले तुलबा को एजाज से नवाजा गया। 

    इतवार, 6 सितम्बर को शहीद स्मारक ऑडिटोरियम, जीई रोड रायपुर में मुनाकिद प्रोग्राम में स्कॉलरशिप मिलने पर वालदैन जज्बाती हो गए। उन्होंने फाउंडेशन के तंई शुक्रगुजारी का इजहार करते हुए बच्चों के बेहतर मुस्तकबिल के लिए दुआएं की। 

bakhtawar adab, hamza travel tales

    इस्तकबालिया तकरीब का आग़ाज़ मौलाना हाफ़िज़ हबीबुर रहमान की तिलावत-ए-क़ुरआन से हुआ। इसके बाद माहिर-ए-हुनर उर्दू क्लास के तुलबा ने नात-ए-पाक पेश की।

12 साल में 8,000 से जाईद स्कॉलरशिप

----

➧ ➧ मज़हब-ए-इस्लाम की रोशन तारीख, सकाफत और उर्दू अदब से वाबस्तगी के लिए पढ़ते रहें ‘’ बख़्तावर अदब …’’

---- 

    तकरीब से खिताब करते हुए फाउंडेशन के कोर कारकुन इनामुल्लाह ने तंजीम के 12 सालों के सफर और एचीवमेंट की जानकारी देते हुए कहा कि ज़कात सिर्फ रकम नहीं, बल्कि तालीम, रोज़गार और उम्मीद की नई रोशनी है। उन्होंने बताया कि इन सालों में फाउंडेशन की जानिब से 8,000 से जाइद तुलबा को स्कांलरशिप दी जा चुकी है। इस दौरान उन्होंने सालभर के दौरान रियासतभर में करीब 1,000 तुलबा को तकरीबन 52 लाख की स्कॉलरशिप दिए जाने की जानकारी दी। 

    फाउंडेशन की पढ़ने वाले तुलबा में अब तक 16 एमबीबीएस डॉक्टर, एक बीडीएस डॉक्टर, करीब 160 इंजीनियर, 10 सीए-सीएमए प्रोफेशनल, 4 नर्सिंग ऑफिसर, 110 से जाइद नर्सिंग प्रोफेशनल, 160 से जाइद फार्मेसी तुलबा, 110 से जाइद आईटीआई और करीब 800 ग्रेजुएट शामिल हैं।

    बानी कारकुन सैय्यद अकील अहमद ने बताया कि साल 2015 में करीब 9 लाख और 300 से जाईद तुलबा से शुरू हुआ स्कॉलरशिप का यह सफर साल 2026 में 52 लाख और करीब 1,000 तुलबा तक जा पहुंचा है। 

ज़कात लेने वाले ज़कात देने वाले बन रहे 

----

➧ ➧ मज़हब-ए-इस्लाम की रोशन तारीख, सकाफत और उर्दू अदब से वाबस्तगी के लिए पढ़ते रहें ‘’ बख़्तावर अदब …’’ 

----

    उन्होंने बताया कि फाउंडेशन की मदद से इंजीनियरिंग, मेडिकल, फार्मेसी, सीए, सीएमए सहित मुख्तलिफ शोबे में कामयाब तुलबा आज अच्छी नौकरी और रोजगार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, कभी फाउंडेशन की मदद से अपनी पढ़ाई जारी रखने वाला एक तुलबा आज एमएनसी में है और अपना घर खरीदने की तैयारी कर रहा है।

टैलेंट सर्च से मेडिकल कॉलेज तक

    तकरीब में उस होनहार तुलबा को खुसूसी एजाज से नवाजा गया जिसने फाउंडेशन के टैलेंट सर्च एग्जाम के जरिये मुफ्त कोचिंग का मौका हासिल कर इस साल नीट एग्जाम में कामयाबी पाई और शासकीय मेडिकल कॉलेज, महासमुंद में दाखिला हासिल किया।

    सीनियर माहिरे ताअलीम ज़फ़र अमजद को ताअलीम, उर्दू जबान के अवामी राब्ते और समाजी खिदमात के शोबे में देरीना खिदमात अंजाम देने के लिए बीकन ऑफ इंस्पिरेशन मशअल-ए-राह एजाज से नवाज़ा गया। तकरीब के दौरान 22 रुक्नी तुलबा का ग्रुप जो प्रोग्रम की कामयाबी के लिए महीनों से सरगर्म रहा है, उसे भी एजाज से नवाजा गया। 

माहिर-ए-हुनर से रोज़गार की तैयारी

    फाउंडेशन के माहिर-ए-हुनर प्रोग्राम के तहत उर्दू पढ़ना-लिखना, उर्दू व अरबी कैलीग्राफी, जेनरेटिव एआई, टैली, एमएस ऑफिस, कम्प्यूटर, फैशन डिजाइनिंग, मेहंदी-हीना आर्ट और स्पोकन इंग्लिश जैसी ट्रेनिंग दी जा रही है। अब तक 800 से अधिक नौजवानों और खवातीन को मुख्तलिफ हुनर की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। 

ताअलीम, ईमानदारी और नज्म व जब्त का दिया पैगाम

----

➧ ➧ बख्तावर अदब : इस्लामी तारीख और उर्दू अदब का पहला और वाहिद न्यूज पोर्टल… 

----

    तकरीब में अमरजीत सिंह छाबड़ा, चेयरमैन, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग; मिर्ज़ा एजाज़ बेग, चेयरमैन, छत्तीसगढ़ हज कमेटी; शम्मी नाहिद, सीईओ, छत्तीसगढ़ वक़्फ़ बोर्ड व कारकुन, अल्पसंख्यक आयोग व आकाश तिवारी, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम रायपुर खुसूसी तौर पर मौजूद रहे। 

    प्रोग्रम से खिताब करते हुए आकाश तिवारी ने तुलबा से ईमानदारी को जिंदगी की बुनियाद बनाने की अपील करते हुए कहा कि अच्छे काम का रास्ता कठिन जरूर होता है, लेकिन फाउंडेशन ने जरूरतमंद बच्चों के लिए आगे बढ़ने का रास्ता आसान किया है। उन्होंने ताअलीम के शोबे में फाउंडेशन की कोशिशों की सताइश की। 

    शम्मी नाहिद ने अपनी जद-ओ-जहद का जिक्र करते हुए तुलबा को मेहनत से आगे बढ़ने मोटीवेट किया। उन्होंने वालदैन से बेटियों की ताअलीम को तर्जीह देने की अपील करते हुए कहा कि बेटियों की तालीम ही बेहतर मुस्तकबिल की बुनियाद है।

    मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने कहा कि कुरआन का पहला पैगाम इक़रा यानी पढ़ो है। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की मिसाल देते हुए कहा कि पैसों की कमी को ताअलीम की राह में बाधा न बनने दें और पूरी लगन से अपने हदफ की ओर बढ़ें।

    अमरजीत सिंह छाबड़ा ने मुस्लिम मआशरे की ज़कात का मवाजना सिख समाज की दसवंध रियावत से करते हुए कहा कि दोनों का बु नियादी मकसद जरूरतमंदों की मदद और मआशरे की बेहतरी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ज़कात फाउंडेशन ज़कात का तालीम के लिए बेहतर इस्तेमाल कर रहा है। समाजी हम आहंगी का पैगाम देते हुए उन्होंने कहा, चांद ईद में भी देखा जाता है और करवाचौथ में भी, इसलिए हमें मआशरे के बीच फर्क करने से ज्यादा हम आहंगी को देखना चाहिए। उन्होंने तुलबा की हर मुमकिन मदद का भरोसा दिलाते हुए अल्पसंख्यक छात्रावास और अल्पसंख्यक प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को आसान बनाने की जानिब की जा रही कोशिशों की जानकारी दी। 

    कोर कारकुन इरफान बुखारी ने कहा, ताअलीम जिंदगी के हर शोब में कामयाबी की बुनियाद है। फैसल रिज़वी ने फाउंडेशन के प्रोग्राम में नज्म व जब्त की सराहना करते हुए ज़कात के मुनज्जम और ताअलीम पर मरकूज इस्तेमाल को तंजीम की खूबी बताया। 

शहर की मुअज्जिज शख्सियतें रहीं मौजूद

    प्रोग्राम में अकरम सिद्दीकी, एसएम हाशिम, शकील अहमद, मोहम्मद नूर बशीर खान, आबिद खान, शकील रज़ा मुतवल्ली, अशफाक कुरैशी, इमरान नदीम, रफीक खान, गुलज़ेब अहमद, डॉ. शाहिद, डॉ. सितारा, नज़र हसन हुसैनी, रिटा. आईएफएस अधिकारी मोहम्मद शाहिद, मौलाना अजहर, मौलाना अली इमाम, मौलाना हबीबुर रहमान, अख्तर रज़ा और अब्दुल वहाब सहित शहर की मुतअदिदद समाजी, ताअलीमी और मुअज्जिज शख्सियतें मौजूद रहीं।

तालीम के साथ खिदमत-ए-खल्क भी 

----

बख्तावर अदब : इस्लामी तारीख और उर्दू अदब का पहला और वाहिद न्यूज पोर्टल… 

----

    फाउंडेशन ने बताया कि ताअलीम के साथ खिदमते खल्क के शोबे में भी लगातार काम किया जा रहा है। अब तक जरूरतमंद बच्चों के लिए करीब 15,000 स्टेशनरी किट, कोविड के दौरान 3,000 से जाईद राशन किट तकसीम किए गए। जरूरतमंद मरीजों के लिए 25 से जाइद ऑक्सीजन मशीनों की खिदमत, राहगीरों के लिए पानी का इंतेजाम शजरकारी जैसी मुहिम चलाई गई। इसके अलावा पिछले करीब 11 सालों से जॉब्स यू लाइक के जरिये नौजवानों तक रोज़गार के मवाके की जानकारी पहुंचाई जा रही है।

    हमारी मंजिल सिर्फ स्कॉलरशिप देना नहीं, बल्कि ऐसी नस्ल तैयार करना है जो तालीमयाफ्ता, हुनरमंद और खुद्दार हो तथा कल किसी दूसरे जरूरतमंद का सहारा बन सके।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ