रिजा फातिमा एमबीबीएस के लिए मुंतखिब, पहले मरहले में ही जेएनएम में मिला दाखिला

 रबि उल आख़िर, 1448 हिजरी

﷽

   फरमाने रसूल      ﷺ

सिरका बेहतरीन सालन है। क्योंकि यह अम्बिया अलैहिमुस्सलाम का सालन है। जिस घर में सिरका होगा, वह घर कभी मोहताज नहीं होगा।

(इब्ने माजा)



✅ बख्तावर अदब : दुर्ग 

    सोशल वर्कर सैय्यद आसिफ अली (तकियापारा) की साहबजादी सैय्यदा रिजा फातिमा ने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर एक अहम संगेमील उबूर करते हुए मेडिकल दाखिले के पहले ही मरहले में कामयाबी हासिल की है। रिजा फातिमा का इंतेखाब मुल्क के मेअयारी मेडिकल इंस्टीटयूट में शामिल पंडित जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, रायपुर में एमबीबीएस निसाब के लिए हुआ है। 

    बचपन से ही ताअलीम के तंई वक्फ और मेहनती सैय्यदा रिजा फातिमा ने अपनी शुरुआती ताअलीम श्री महावीर जैन विद्यालय, शिक्षक नगर से हासिल की है। एमबीबीएस के लिए उनके इंतेखाब की खबर पर रिश्तेदारों, असातजा और खेरख्वाहों में खुशी का माहौल है। सैय्यदा रिजा को उनकी कामयाबी पर मुबारकबाद देते हुए रिश्तेदारों और खैरख्वाहों ने उनके रोशन मुस्तकबिल के लिए दुआएं की है। 

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     ➧ ➧ मज़हब-ए-इस्लाम की रोशन तारीख, सकाफत और उर्दू अदब से वाबस्तगी के लिए पढ़ते रहें  ‘’ बख़्तावर अदब …’’ 

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    सैय्यदा रिजा की इस कामयाबी पर परिवार का कहना है कि ये कामयाबी रिजा की मेहनत लगन और ताअलीम के तंई मुतवातिर जुस्तजू का नतीजा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रिजा फातिमा मुस्तकबिल में एक कामयाब डाक्टर बनकर मआशरे और मुल्क की खिदमत अंजाम देंगी। 


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