रबि उल आखिर, 1448 हिजरी
﷽
फरमाने रसूल ﷺ
आप ﷺ ने फरमाया : रोटी का एहतेराम करो, वह आसमान व ज़मीन की बरकात में से है। जो शख्स दस्तरखान पर गिरी रोटी खा लेगा, उसकी मगफेरत हो जाएगी।
- तबरानी
✅ बख्तावर अदब : रायपुर
शहंशाहे छत्तीसगढ़, हजरत सैय्यद बाबा सैयद इंसान अली (रहमत उल्ला अलैह) इंतजामिया कमेटी, दरगाह लुतरा शरीफ का सालाना उर्सपाक 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इंतेजामिया कमेटी के सदर और दीगर ओहदेदारान ने गुजिश्ता दिनों मुनाकिद प्रेस कांफ्रेंस में सहाफियों से खिताब करते हुए ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उर्स के मौके पर अकीदतमंदों की हर साल जुटने वाली भीड़ के मददेनजर इंतेजामिया की मदद से साफ-सफाई, पानी और जायरीन के आराम व हिफाजती इंतेजामात को लेकर तैयारियां की जा रही है। उर्स के दौरान हर रोज लंगर तकसीम किए जाने की भी जानकारी ओहदेदारान ने दी।
रियासत की अकीदत का मर्कज है दरगाह लुतरा शरीफ
समाजिक हम आहंगी की अलामत दरगाह लुतरा शरीफ रियासत छत्तीसगढ़ की अकीदत का मर्कज है जहां सभी मजाहिब के लोग कसीर तादाद में अपनी मन्नत व मुरादों को लेकर पहुंचते हैं। दरगाह को लेकर रियासत छत्तीसगढ़ ही नहीं दूर-दराज के लोगों का भी अकीदा है कि हजरत के दरबार में हाजिरी देने से बलाओं से निजात मिलती है।
28 सितंबर को परचम कुशाई से होगा आगाज
28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जारी रहने वाले पांच रोजा उर्सपाक के दौरान मुख्तलिफ मजहबी व रूहानी रस्में अदा की जाएंगी। इसकी शुरुआत 28 सितंबर को परचम कुशाई से होगी। रात 10 बजे से ऑल इंडिया नातिया मुशायरा होगा जिसमें मशहूर नातिया शायर अहमद असरार (कोरबा) अपने हमनवां के साथ नातिया कलाम पेश करेंगे। इस मौके पर हजरत मौलाना रज्जब अली, मदारी शरीफ, हलचल सिवानी, जैमल आबेदीन, कानपुर, शाहबाज कमर, कलकत्ता, मुबारक हुसैन, मुबारक शास्ता कलकत्ता और मोहम्मद इलियास असरार शिरकत करेंगे।
29 सितंबर (दूसरा दिन): शाही संदल और तकरीर
दिन में गुस्ल मजार पाक और शाही संदल होगा। रात 9 बजे बाबा सरकार की शान में मुनाकिद अजीमुश्शान तकरीरी जलसा में सैय्यद राशिद, मक्की मियां, किछौछा शरीफ, अयोध्या (उत्तर प्रदेश) कौम से रूह पर्वर खिताब करेंगे।
30 सितंबर (तीसरा दिन): संदल चादर-कव्वाली
संदल चादर (अम्मी जान साहिबा) होगा। रात 10 बजे कव्वाली महफिले सिमा में मुंबई (महाराष्ट्र) के रेडियो-टीवी सिंगर मझलवा अजीज नाजा की पेशकश होगी।
1 अक्टूबर (चौथा दिन): महफिले कव्वाली
रात 10 बजे रईस अनीस अंसारी बिजनौरी (उत्तर प्रदेश) कव्वाली पेश करेंगे।
2 अक्टूबर (पांचवां दिन): कुल की फातिहा
रात 11 बजे रईस अनीस साबरी बिजनौरी (उत्तर प्रदेश) की मौजूदगी में रंग की महफिल होगी। सैय्यद महमद असरार, किछौछा शरीफ (उत्तर प्रदेश) की सदारत में उर्सपाक इख्तेताम पजीर होगा।
कैसे पहुंचे
प्रेस कानफ्रेंस के दौरान ओहदेदारान ने अकीदतमंद की सहूलत के लिए बताया कि लुतरा शरीफ, रियासत छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बिलासपुर-बलौदा मेन रोड पर वाके है जहां रेल, सड़क और हवाई सफर के जरिये आसानी से पहुंचा जा सकता है।
बिलासपुर करीबी स्टेशन
लुतरा शरीफ पहुंचने के लिए सबसे करीबी रेलवे स्टेशन मुंबई-हावड़ा लाईन पर बिलासपुर जंक्शन है जो मुल्क के सभी स्टेशन से जुड़ा है। स्टेशन से लुतरा शरीफ की दूरी तकरीबन तीस किलोमीटर है। स्टेशन के बाहर से लुतरा शरीफ के लिए ऑटो, प्राइवेट कार या बिलासपुर-बलौदा रूट पर चलने वाली बसें आसानी से मिल जाती है।
वाया सीपत
बस या निजी वाहन से लुतरा पहुंचने वालों के लिए वाया सीपत बेहतर रास्ता है। सीपत होते हुए बलौदा की ओर जाने वाले इसी रास्ते पर दरगाह वाके है। उर्स के दौरान बिलासपुर बस स्टैंड से लुतरा शरीफ के लिए इंतेजातमिया की जानिब से खुसूसी बसें चलाई जाती है।
3. ब जरिये हवाई जहाज
करीबी हवाई अड्डा रायपुर का स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट है, जो मुल्क के सभी बड़ें शहरों से जुड़ा है। रायपुर एयरपोर्ट से लुतरा शरीफ की दूरी तकरीबन 145 किलोमीटर है। हवाई अड्डे से सीधे टैक्सी किराए पर ली जा सकती है या रायपुर से बिलासपुर तक ट्रेन/बस से पहुंचा जा सकता है।
रायपुर प्रेस क्लब में मुनाकिद प्रेस कांफ्रेंस में इंतेजामिया कमेटी के सदर हाजी मोहम्मद इकबाल हक, खजांची फैजान अहमद शेख, नायब खजांची जावेद ख्वानी (कोरबा), लंगर इंचार्ज- हाजी मोहम्मद कुद्दुस (बिलासपुर) के अलावा अराकीन हाजी मोहम्मद नजीर अहमद (बलौदा), मोहम्मद सज्जाद सिद्दीकी (कोरबा), सैयद इंसान अली (बिलासपुर), शेख सिकंदर (बिलासपुर), मोहम्मद एजाज खान (लुतरा शरीफ), मुशर्रिफ खान (बिलासपुर), अब्दुल वहाब अंसारी (लुतरा शरीफ), हाजी अनवारुल हक (लुतरा शरीफ), हाजी अब्दुल करीम बेग (लुतरा शरीफ), अब्दुल अहमद खानजादा मेमन (लुतरा शरीफ) और शेख अब्दुल गफ्फार (लुतरा शरीफ) मौजूद थे।



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