रबि उल आख़िर, 1448 हिजरी
﷽
फरमाने रसूल ﷺ
आप ﷺ ने फ़रमाया कि दो शिफ़ाओं को लाज़िम पकड़ो—एक शहद, दूसरी क़ुरआन शरीफ़।
(इब्ने माजा, सफ़्हा २५५, बाबुल-असल)
✅ बख्तावर अदब : रायपुर
गुजराती स्कूल में गुजिश्ता दिनों मुनाकिद एक प्रोग्राम के दौरान काजल हिंदूस्तानी के नफरती नारों को लेकर मुस्लिम मआशरे समेत दीगर मजाहिब के नुमाइंदों ने भी एहतेजाज में अपनी आवाज बुलंद की है। प्रोग्राम को लेकर सभी मजाहिब के नुमाइंदों ने काजल हिंदूस्तानी समेत गुजराती स्कूल के प्रिंसिपल और स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ रियासत के खुशनुमा माहौल में नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान बौद्ध समाज, सतनामी समाज, क्रिश्चियन समाज, सर्व ब्राह्मण समाज और हुसैनी सेना की महिला विंग जैनब तंजीम के नुमाइंदे मौजूद थे।
नुमाइंदों ने डीपी तारकेश्वर पटेल से मुलाकात कर शिक्षा के मंदिर में ऐसे नफरती प्रोग्राम मुनाकिद किए जाने को रियासत की हम आहंगी पर गंभीर खतरा बताते हुए स्कूल स्टाफ की मानसिकता पर अफसासे जताया। नुमाइंदों ने कहा, रियासत छत्तीसगढ़ में सभी मजाहिब के लोग मिलजुल कर रहते हैं। लोगों में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन कुछ मामलों को छोड़कर मजहब को लेकर उनके बीच टकराव के हालात कभी नहीं बनें। कभी ऐसे हालात बनें भी हैं तो इसकी वजह ऐसे ही नफरती प्रोग्राम हैं।
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गुजराती स्कूल में मुनाकिद प्रोग्राम को लेकर डीसीपी दफ्तर पहुंचे भारतीय बौद्ध महासभ के रियासती सदर भोजराज गौर खेड़े, रियासती सेक्रेटरी शैलेश बडगें, विजय गजघाटे, जिलई सदर अरुण बागडे, अविनाश ठुल, अरुण राव, हितेश कुमार, प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज, रायपुर जिलई सदर मनोज बंजारे, गणेश सेहतोड़े, नीरज बंजारे, अनिल कोसले, क्रिश्चियन समाज से सुरेश मासी, रविका मसीह, जैनब तंजीम की जिला सदर हाजरुन खान, ब्राह्मण समाज से ललित मिश्रा, आभा मुरलिया मुदलियार सहित सैकड़ो लोगों ने काजल हिंदूस्तानी समेत गुजराती स्कूल की इंतेजामिया कमेटी और प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की।
इस मौके पर हुसैनी सेना जिलई सदर मोहम्मद आमिर खान ने कहा, स्कूल में मुनाकिद नफरती प्रोग्राम के खिलाफ सर्व समाज एकजुट है। उन्होंने कहा, रियासत की यकजहती, हम आहंगी और भाईचारगी को टूटने नहीं देंगे। रियासती महामंत्री मोहम्म्द जाकिर, तर्जुमान साजिद कुरैशी ने कहा स्कूली बच्चे देश का मुस्तकबिल हैं, देश नफरत से नहीं, बाबा साहब के संविधान से चलेगा।


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