दुर्ग-भिलाई की तारीख से रुबरु हुए स्कूली बच्चे, जाना अपनी विरासत को

इंटेक दुर्ग-भिलाई चैप्टर की हैरीटेज क्विज मुकाबला 

मुसन्निफ़-ओ-सहाफ़ी ज़ाकिर ने दिलचस्प अंदाज में दुर्ग-भिलाई की तारीख़ पर डाली रोशनी 

दुर्ग-भिलाई की तारीख से रुबरु हुए स्कूली बच्चे, जाना अपनी विरासत को


✅ बख्तावर अदब : भिलाई 

    भारती क़ौमी फ़नून-ओ-सक़ाफ़्ती विरासत ट्रस्ट (इंटेक दुर्ग-भिलाई चैप्टर) की जानिब से मुनाक़िदा हैरीटेज क्विज में बारह स्कूलों के सौ से ज़ाइद तलबा ने हिस्सा लिया। दुर्ग-भिलाई चैप्टर की कन्वीनर डाक्टर हिंसा शुक्ला ने बताया कि मुक़ाबले के इनइक़ाद का बुनियादी मक़सद तलबा को विरासत की एहमीयत से वाक़िफ़ कराना था, ताकि तलबा अपने आस-पास मौजूद क़ीमती तारीख़ी विरसों के तहफ़्फ़ुज़ के लिए अज़म करें।

दुर्ग-भिलाई की तारीख से रुबरु हुए स्कूली बच्चे, जाना अपनी विरासत को


    दुर्ग में वाके खालस स्कूल में मुनाक़िदा इस प्रोग्राम के मेहमान-ए-ख़ुसूसी और कलीदी मुक़र्रर, मुसन्निफ़-ओ-सहाफ़ी मुहम्मद ज़ाकिर हुसैन ने तलबा को दुर्ग-भिलाई की तारीख़ निहायत दिलचस्प अंदाज़ में बयान की। उन्होंने महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू के दुर्ग भिलाई क़ियाम, भिलाई स्टील प्लांट से सेक्टरों तक के नाम रखने की तारीख़, और उन इलाक़ों के वजूद में आने से पहले यहां मौजूद तमाम गांव से लेकर मौजूदा दौर तक के मुतअद्दिद दिलचस्प तारीख़ी हक़ायक़ को पेश किया।

दुर्ग-भिलाई की तारीख से रुबरु हुए स्कूली बच्चे, जाना अपनी विरासत को


    प्रोग्राम की सदारत करने वाले सीनीयर अदीब गुलबीर सिंह भाटिया ने तलबा को आज़ादी के बाद के दुर्ग और यहां के अहम मोहल्लों और इमारतों से रोशनास कराया। उन्होंने सरहद पार अपनी जाए पैदाइश से वाबस्ता जज़बाती यादें भी तलबा से शेयर कीं और हिन्दोस्तान के पहले वज़ीर-ए-आज़म जवाहर लाल नेहरू से मुताल्लिक़ एक दिलचस्प वाक़िया भी सुनाया।

    इस मौक़ा पर इंटेक दुर्ग भिलाई की जानिब से डाक्टर रजनी नेल्सन, शानो मोहनन और विश्वास तिवारी मौजूद रहे। प्रोग्राम को कामयाब बनाने में खालसा पब्लिक स्कूल की लेक्चरर राजिंदर कौर, दिव्या सिंह और खालसा पब्लिक कॉलेज की प्रिंसिपल डाक्टर सुनीता बोकड़े ने ख़ुसूसी तआवुन किया।

इन बच्चों ने क्विज में मारी बाज़ी 

क्विज के तहरीरी मरहले में इक्यावन टीमों के तलबा ने हिस्सा लिया। बेहतरीन कारकर्दगी का मुज़ाहरा करते हुए डीएवी पब्लिक स्कूल और शारदा विद्यालय के तलबा ने चार बेहतरीन टीमों में जगह बना कर ज़बानी मरहले के लिए क्वालीफ़ाई किया। इस मरहले में भारती सक़ाफ़्त, अहम शख़्सियात, रियासत, शहर और इंटेक से मुताल्लिक़ सवालात पूछे गए।

दूसरे मरहले के बाद डीएवी पब्लिक स्कूल, हुडको के प्रखर साहू और कार्तिक सिंह ने पहली पोज़ीशन हासिल की। शारदा विद्यालय, रिसाली के सात्विक साहू और लियनेस दूसरे, हर्षिका साहू-अनामिका चतुर्वेदी तृतीय और आंशिक जांभुलकर-गुंजन साहू चौथे नंबर पर रहे। 

कोइज़ मुक़ाबले में दिल्ली पब्लिक स्कूल रिसाली, भिलाई, महाऋषि दयानंद आर्या विद्यालय भिलाई, श्री शंकरा विद्यालय भिलाई, मैत्री विद्यानिकेतन भिलाई, शारदा विद्यालय भिलाई, स्वामी आत्मानंद एक्सेलनस स्कूल दुर्ग, ख़ालिसा पब्लिक स्कूल दुर्ग, एसडीबी पब्लिक स्कूल दुर्ग, विद्यापीठ हायर सैकण्डरी स्कूल दुर्ग, स्वामी आत्मानंद जेआरडी गर्वनमेंट हायर सैकण्डरी स्कूल दुर्ग और बीआरजे गर्वनमेंट गर्लज़ स्कूल दुर्ग के तलबा ने हिस्सा लिया।


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