जुलूसे मुहम्मदी ﷺ में जुटे नबी ﷺ के आशिक, फहराया परचमे इस्लाम

 रबि उल अव्वल, 1448 हिजरी

   फरमाने रसूल       ﷺ 

कयामत के दीन मोमिन के मीज़ान में अखलाक-ए-हसना (अच्छे अखलाक) से भारी कोई चीज़ नहीं होगी, और अल्लाह ताअला बेहया और बदज़बान से नफरत करता है।

जमाह तिर्मिज़ी 

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जश्ने ईद मिलादुन्नबी  पर सुबह से देर रात तक शहर में जुलूस, लंगर और तकरीर समेत मुख्तलिफ प्रोग्राम मुनाकिद 

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✅ बख्तावर अदब : भिलाई 

    पैगम्बर हजरत मुहम्मद  की यौम-ए-पैदाईश जश्ने ईद मिलादुन्नबी  पर शहर में बुध को सुबह से देर रात तक मुख्तलिफ प्रोग्राम मुनाकिद हुए। सुबह फजर की नमाज के बाद तमाम मस्जिदों, खानकाहों और मदरसों में परचमे इस्लाम फहराया गया। इस दौरान नारा-ए-तकबीर और नारा-ए-रिसालत से आसमान गूंजता रहा। सुबह से दोपहर तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में जुलूस-ए-मुहम्मदी  निकाला गया। इस दौरान फातिहा ख्वानी भी हुई।  

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    शहर की तमाम अंजुमनों और मस्जिद कमेटियों की ओर से  जुलूस-ए-मुहम्मदी  की शुरुआत दोपहर 2 बजे गौसिया मस्जिद केम्प-1 के पास से हुई। जुलूस यहां से लिंक रोड होते हुए केम्प - 2, रजा जामा मस्जिद, मदरसा रोड, शीतला कॉम्प्लेक्स से नंदिनी रोड, फ्लाई ओवर ब्रिज पार कर इक्विपमेंट चौक पहुंचा। इसी तरह हाउसिंग बोर्ड की तरफ से आने वाली अंजुमन फौजी नगर, छावनी चौक, नन्दिनी रोड होते हुए पावर हाउस पहुंची और खुर्सीपार जोन 1/2 व जोन-3 से आने वाली तमाम अन्जुमन पावर हाउस होते हुए इक्विपमेंट चौक पहुंची। यहां से जुलूस सेंट्रल एवेन्यू रोड (पंडित रविशंकर शुक्ल मार्ग) से सेक्टर-5 चौक होते हुए शाम 6 बजे सेक्टर-6 जामा मस्जिद के ईदगाह मैदान में पहुंचा जहां तमाम मस्जिदों के इमाम और आशिके नबी   के बीच परचमे इस्लाम फहराया गया। 

    जामा मस्जिद सेक्टर-6 ईदगाह मैदान में मगरिब की नमाज के बाद रहमते आलम कॉन्फ्रेंस मुनाकिद हुए जिसमें हसन रजा कादरी, कोलकाता ने सीरते नबी   पर गुफ्तगू की। जलसे की निजामत गुलाम मोहिउद्दीन रजवी ने की। वहीं शायरे इस्लाम डॉ. जहीरुद्दीन रहबर सहित तमाम शायरों ने हम्द ओ नात का तोहफा पेश किया।

सेक्टर-7 में सुबह निकला जुलूस

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    सेक्टर-7 में सुबह के वक्त जुलूसे मुहम्मदी   निकाला गया। सुबह 8 बजे हाजी सैयद अनवर अली के घर, स्ट्रीट-19 मदरसे से निकला जुलूस मार्केट से होता हुआ सड़क नंबर 25, 26, 28, से होकर सड़क नंबर 29, एवेन्यू से होता हुआ सड़क नंबर 13 ,9 ,8,7  से होकर मदरसा पहुंचा जहां फातिहा ख्वानी और परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। इसी तरह ताज दरबार जीई रोड साक्षरता चौक के सामने सुबह 10 बजे परचमे इस्लाम फहराया जाएगा। जुलूसे मुहम्मदी   में मुजीब, समीर, फैजान, सगीर खान, अशरफ अली, आसिफ हुसैन, आरिफ हुसैन, इसरार अली, हसीबुद्दीन खान, शाहिद खान और आबान खान सहित सेक्टर-7 के  तमाम लोगों की भागीदारी रही।  

➧ ➧ मज़हब-ए-इस्लाम की रोशन तारीख, सकाफत और उर्दू अदब से वाबस्तगी के लिए पढ़ते रहें ‘’ बख़्तावर अदब …’’ 

भिलाई-तीन में भी निकला जुलूसे मुहम्मदी

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    ईद मिलादुन्नबी   पर सैयदी सुन्नी जामा मस्जिद, भिलाई-3 में बुध को जुलूसे मुहम्मदी निकला। यहां परचम कुशाई की रस्म अदा की गई और फातिहा ख्वानी भी हुई। जुलूस में मदरसों के बच्चों के साथ-साथ तमाम आलिमे दीन नात शरीफ पढ़ते हुए शहर के मुख्तलिफ हिस्सों से निकले। वापस जुलूस मस्जिद लौटा। जहां दुआए खैर की गई। इन दौरान सैयदी सुन्नी जामा मस्ज़िद भिलाई-3 से रुस्तम खान सदर,नसीम खान सेक्रेटरी, रईस अहमद कैशियर, मोहम्मद तौसीफ, तौहीद खान, अब्दुल हुसैन, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद हाशमी, अबुल हसन, तौसीफ हनफी, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद लतीफ, अजहर खान, मोहम्मद हाशमी, फारूक चौहान, अब्दुल रियाज और अब्दुल लतीफ़ सहित दीगर लोग शामिल रहे। 

ग्राम कंडरका में दिखी हिंदु-मुस्लिम यकजहती की झलक

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कुम्हारी के करीब ग्राम कंडरका में जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर मुकामी लोगों ने भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की। यहां ग्रामीणों ने ईद मिलादुन्नबी को विश्व अमन दिवस के तौर पर मनाया। जुलूस में आसपास के 20-25 गांव के हिंदु-मुस्लिम बिरादरी के लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान नात पाक पेश की गई और रास्ते भर फल, बिस्किट व मिठाई बांटी गई। साहित्यकार डॉ. परदेशीराम वर्मा ने बताया कि उनके गांव कंडरका में हिंदु-मुस्लिम एकता की 100 साल से भी पुरानी रिवायत है और यहां हर त्यौहार दोनों समुदाय के लोग मिल कर मनाते हैं। 


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