सड़क हादसे के शहीद की बेटियों की नहीं रुकेगी पढ़ाई, अल मदद सोसायटी ने उठाया बीड़ा

 

 - जिल हज्ज, 1447 हिजरी 

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- फरमाने रसूल ﷺ

आज से 13 जिलहज्ज तक पढ़े तकबीरे तशरीक़ 

नवीं ज़िल्हिज्जा की फ़जर से तेरहवीं ज़िल्हिज्जा के असर तक अय्यामे तशरीक़ है। इस दौरान तकबीरे तशरीक अल्लाहो अक्बर अल्लाहो अकबर, ला इलाहा इल्लल्लाह व अल्लाहो अकबर अल्लाहो अकबर व लिल्लाहिल हम्द पढ़ने की बड़ी फजीलत आई है। 
कब पढ़ें : 
तकबीरे तशरीक़ हर फ़र्ज़ नमाज़ पंजगाना बा-जमाअत के बाद 1 बार पढ़ना वाजिब और 3 बार पढ़ना अफ़ज़ल है।
तकबीरे तशरीक़ बा'आवाज़ बुलंद पढ़ना वाजिब है।
तकबीरे तशरीक़ सलाम फेरने के फ़ौरन बाद पढ़ना होता है।
अगर ताख़ीर किया, जैसे मस्जिद से बाहर चले गए या जानबूझकर वुज़ू तोड़ दिए तो अब इससे तकबीर साक़ित हो गई।
औरतों पर तकबीरे तशरीक़ वाजिब नहीं।
अकेले नमाज़ पढ़ने वालों पर तकबीर नहीं है, हाँ मगर पढ़ लें क्योंकि साहिबैन के नज़दीक उस पर भी वाजिब है।
नफ़्ल, वाजिब, सुन्नत के बाद तकबीरे तशरीक़ नहीं। हां मगर ईद की नमाज के बाद पढ़ लें।
- बहारे शरीअत, हिस्सा 04, सफ़ह न. 61-6

 

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✅ बख्तावर अदब : भिलाई
 

    खवातीन की तंजीम अल मदद एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी ने सड़क हादसे के शहीद के परिवार को माली इमदाद फराहम करते हुए उनके बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाया है। सोसाइटी के ओहदेदारान ने हाल ही में चंद्रा-मौर्या टॉकीज के पास सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सलीम खान के दौलतकदे सेक्टर-2 पहुंचकर शहीद की सलीम की अहलिया को 15,000 रुपए की माली मदद फराहम की। सोसाइटी की सदर अंजुम अली ने बताया कि मरहूम सलीम खान की तीन बेटियां हैं। सोसाइटी ने तीनों बेटियों की स्कूली ताअलीम की जिम्मेदारी उठाई है। उन्होंने कहा, बच्चियों की ताअलीम का पूरा खर्च सोसाइटी उठाएगी। इस दौरान खजांची शाहीन खान, दरख्शां अंजुम व मिस्बाह हुसैन मौजूद थीं।


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