आजमीने उमरा शेख मतीन और हाफिज सुहैल सऊदी के लिए रवाना

सफर उल मुजफ्फर, 1448 हिजरी

   फरमाने रसूल    

उस काले दाने (कालोंजी के बीज) को अख्तियार करो उसमें मौत के सिवा हर मर्ज़ की शिफा है।

- सुनन इब्न माजाह


उमरा जायरीन शेख मतीन और गुण्डरदेही से हाफ़िज़ सुहैल रिज़वी को अवाम ने दी बिदाई

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मुहम्मद जुनेद कुरैशी : बालोद

    बालोद से शेख मतीन और गुंडरदेही से हाफिज सुहैल रिजवी गुजिश्ता दिनों सफर-ए-उमरा के लिए रवाना हुए। इस मौके पर मआशरे ने राजनांदगांव रेल्वे स्टेशन पहुंचकर उन्हें रुखसती दी। उन्होंने अपने मुल्क हिदुस्तान में अम्न-ओ-आमान, तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ की दरख्वास्त की। उमरा जायरीन ने अवाम से सफर में आसानी और इबादतों की मकबूलियत के लिए अल्लाह से दुआ करने की दरख्वास्त की। राजनांदगांव से वे मुंबई पहुंचे जहां से उन्होंने 14 जुलाई को जद्दा के लिए उड़ान भरी। 

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     ➧ ➧ मज़हब-ए-इस्लाम की रोशन तारीख, सकाफत और उर्दू अदब से वाबस्तगी के लिए पढ़ते रहें बख़्तावर अदब … 

    इस मौके पर मुस्लिम समाज के जहीरूद्दीन कुरैशी, जुनैद कुरैशी, शकील खान, अमजद खान, निसार खान, आफताब आलम, मोहम्मद अबरार सिद्दीकी, अब्बास अली, इमरान खान, मतीन भाई के दोस्त, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री धीरज उपाध्याय, तहफ्फ़ुज-ए-नामूसे रिसालत एक्शन ट्रस्ट के जिलई सदर शाहनवाज खान मौजूद थे। 

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