सफर उल मुजफ्फर, 1448 हिजरी
﷽
फरमाने रसूल ﷺ
भूखे को खाना खिलाओ, मरीज़ की अयादत करो, कैदी को कैद से छुड़वाओ।
(बुखारी)
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पेपर लीक के मुतास्सिरा तलबा को इन्साफ़ और ज़िम्मेदारों के ताय्युन का मुतालिबा
✅ बख्तावर अदब : भिलाई
मस्जिद नूर उल-इस्लाम, निज़ामी चौक, फ़रीद नगर में जुमा की नमाज़ के बाद तालीम की एहमीयत और हिन्दुस्तानी निज़ाम-ए-तालीम में इस्लाहात के मौज़ू पर एक ख़ुसूसी ख़ुतबा मुनाक़िद किया गया। इस मौक़ा पर एसआईओ, छत्तीसगढ़ के रुकन और भिलाई के इस्लामी स्कालर मज़हर जमील ने तालीम, अख़लाक़ीयात, तलबा पर बढ़ते हुए ज़हनी दबाव और हिन्दुस्तानी निज़ाम-ए-तालीम में ज़रूरी इस्लाहात के हवाले से अपने अहम ख़्यालात का इज़हार किया।
मज़हर जमील ने कहा कि तालीम सिर्फ़ डिग्री हासिल करने या रोज़गार पाने का ज़रीया नहीं बल्कि इन्सान की शख़्सियत और किरदार साज़ी का एक बुनियादी वसीला भी है। उन्होंने कहा कि ऐसी तालीम, जो दयानतदारी, एहसास-ए-ज़िम्मेदारी और हुस्न-ए-अख़लाक़ पैदा ना करे, वो ना-मुकम्मल है। उन्होंने हिन्दुस्तानी निसाब-ए-तालीम में अख़लाक़ी तालीम और किरदार साज़ी से मुताल्लिक़ मज़ामीन और किताबों को शामिल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
पेपर लीक पर जवाबदेही तै हो, तलबा को मिले इन्साफ़
निज़ाम-ए-तालीम में इस्लाहात पर गुफ़्तगु करते हुए मज़हर जमील ने पेपर लीग जैसे संगीन मुआमलात में ज़िम्मेदारों का ताय्युन करने का मुतालिबा किया। उन्होंने कहा कि ऐसे वाक़ियात की अख़लाक़ी ज़िम्मेदारी क़बूल करते हुए वज़ीर-ए-तालीम को इस्तीफ़ा देना चाहिए। उनका कहना था कि अगरचे सिर्फ़ इस्तीफ़ा देने से पूरे निज़ाम में फ़ौरी तबदीली नहीं आएगी, लेकिन इस से जवाबदेही और आईनी ज़िम्मेदारी की एक मज़बूत रिवायत क़ायम होगी।
उन्होंने बताया कि एसआईओ इंडिया, ने मुल्क के तमाम अरकान-ए-पार्लीमैंट से अपील की है कि वो आइन्दा पार्लीमैंट के मानसून इजलास में निज़ाम-ए-तालीम की खामियें और ज़रूरी इस्लाहात का मसला भरपूर अंदाज़ में उठाएं। इसके साथ साथ पेपर लीक और इमतिहानी बे जाब्तगियों से मुतास्सिरा तलबा के लिए मुनासिब मुआवज़ा, उनके तालीमी अख़राजात हुकूमत की जानिब से बर्दाश्त करने और ज़ाए होने वाले क़ीमती वक़्त की तलाफ़ी जैसे मुतालिबात को भी एहमीयत के साथ पेश किया गया है।
- कमर दरे अक़रब
- विसाल : हजरत अमीर अबु उलाई, आगरा
- कमर दरे अक़रब
- कमर दरे अक़रब
- विसाल : हजरत सलमान फारसी, रदि अल्लाहो ताअला अन्हो
- विसाल : बाबा तनवीर अशरफ अलैहिर्रमा, किछौछा शरीफ
- विसाल : हजरत उवैस करनी, रदि अल्लाहो ताअला अन्हो
- विसाल : हजरत अल्लाहमा फज्ले हक खैराबादी
- विसाल : हजरत इमाम निसाई, रहमत उल्ला अलैह
- उर्स : सैय्यद अहमद शम्से आलम, कुतुबे रायपुर, रहमत उल्ला अलैह
- उर्स : हजरत लाल मोहम्मद, अलैहिर्रमा, उड़ीसा
प्रोग्राम में जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, भिलाई के सदर एजाज़ अहमद, एसआईओ, छत्तीसगढ़ के रियास्ती सेक्रेटरी मुहम्मद ज़ुलकरनैन, एसआईओ, छत्तीसगढ़ के साबिक़ सदर इमरान अज़ीज़, एसआईओ भिलाई के रुकन उबैद ख़ान, फ़रहान कॉमर्स क्लासिज़ के डायरेक्टर फ़रहान समेत एसआईओ और जमाअत-ए-इस्लामी हिंद से वाबस्ता मुतअद्दिद अराकीन और मुआवनीन शरीक हुए।
शुरकाए प्रोग्राम ने मज़हर जमील की जानिब से पेश किए गए तालीमी इस्लाहात, तलबा के हुक़ूक़ और जवाबदेही से मुताल्लिक़ मुतालिबात की भरपूर ताईद की।
रायपुर में पुरअमन मुज़ाहरा, तालीमी इस्लाहात और एनटीए के ख़िलाफ़ की आवाज़ बुलंद
तालीमी निज़ाम में इस्लाहात के मुतालिबे पर एसआईओ की रियास्ती दार उल हकूमत के एहतिजाज में शिरकत
भिलाई : हिन्दुस्तानी मुस्लिम तलबा की तंज़ीम स्टूडेंटस इस्लामिक आर्गेनाईज़ेशन आफ़ इंडिया (एसआईओ, छत्तीसगढ़) ने रियास्ती दार उल हकूमत रायपुर के अंबेडकर चौक पर मुनाक़िदा पुरअमन एहतिजाज में शिरकत करते हुए दिल्ली के जंतर मंतर पर जारी तलबा तहरीक से अपनी यकजहती का इज़हार किया। इस मौक़ा पर तंज़ीम के नुमाइंदों ने सालिडेरेटी (यकजहती रजिस्टर) पर दस्तख़त करते हुए ताअलीमी निज़ाम में जवाबदेही और बुनियादी इस्लाहात का मुतालिबा किया।
प्रोग्राम से खिताब करते हुए एसआईओ, छत्तीसगढ़ के सदर अनस ख़ान ने कहा कि क़ौमी सतह के इमतिहानात की साख और एतबार को बरक़रार रखने के लिए एक मोअस्सर, शफ़्फ़ाफ़ और काबिल-ए-एतिमाद इमतिहानी निज़ाम का क़ियाम वक़्त की अहम ज़रूरत है। उन्होंने मुतालिबा किया कि मौजूदा शक्ल में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को ख़त्म किया जाए और इमतिहानी निज़ाम में हमागीर इस्लाहात नाफ़िज़ की जाए।
तंज़ीम की जानिब से रियास्ती सेक्रेटरी एमडी जिलकरनैन ने सालिडेरेटी रजिस्टर पर दस्तख़त किए। इस मौक़ा पर एसआईओ ने अपने अहम मुतालिबात में मर्कज़ी वज़ीर-ए-तालीम के इस्तीफ़े, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के ख़ातमे और नीट इमतिहान के इख़्तयारात को मर्कज़ीयत से निकाल कर मुख़्तलिफ़ सतहों पर तक़सीम करने का मुतालिबा भी शामिल किया।
तंज़ीम का कहना है कि इन इक़दामात से इमतिहानी अमल में शफ़्फ़ाफ़ियत, जवाबदेही और इन्साफ़ को फ़रोग़ मिलेगा, जबकि तलबा का एतिमाद भी बहाल और मज़बूत होगा।
एहतिजाज में एसआईओ छत्तीसगढ़ के सदर अनस ख़ान, रियास्ती सेक्रेटरी हैदरस ख़ान, एसआईओ रायपुर के अराकीन शुजाअ, अकरम और साद के अलावा मुआवनीन यूसुफ़ ख़ान और फ़रहान भी शरीक हुए।
तंज़ीम ने अपने बयान में कहा कि वो तलबा के हुक़ूक़ के तहफ़्फ़ुज़ और तालीमी निज़ाम में मुसबत इस्लाहात के लिए आइन्दा भी जमहूरी और पुरअमन ज़राए से अपनी आवाज़ बुलंद करती रहेगी।


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