मुहर्रम उल हराम, 1447 हिजरी
﷽
फरमाने रसूल ﷺ
जिस बंदे के कदम अल्लाह की राह में गुबार आलूद हो गए उन्हें जहन्नम की आग छुए, ये नामुमकिन है।
- सहीह बुखारी
मुस्लिम कम्युनिटी हॉल, सेक्टर-6 में दिनभर चला प्रोग्राम, मुख्तलिफ तंजीमों की रही भागीदारी
✅ बख्तावर अदब : भिलाई
अल मदद एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी की जानिब से गुजिश्ता दिनों मुनाकिद हेल्थ कैंप का कसीर तादाद में फायदा उठाया। कैंप के तहत ब्लड डोनेशन, डेंटल चेकअप, आई चेकअप और दीगर मर्जों की जांच की गई।
सोसाइटी की ओर से मुनाकिद हेल्थ कैंप के बाद शाम 5 बजे से मस्तूरात के लिए तकरीर मुनाकिद की गई। मस्तूरात से खिताब करते हुए आलिमा गुल निशा ने करबला के शहीदों का बयान किया।
अल मदद सोसाइटी की डायरेक्टर अंजुम अली ने बताया कि हेल्थ कैंप और तकरीर के बाद फातिहा ख्वानी हुई और आखिर में खिचड़ा तकसीम किया गया। इस मौके पर बैतुलमाल कमेटी, इकरा टीचर्स एसोसिएशन, अंजुमन हुसैनिया, सीटीबी फाउंडेशन, हजरत बीबी फातिमा जोहरा कमेटी के ओहदेदारों के साथ सैयद जमशेद अली, एजीएम (बीएसपी), सीजीटी फाउंडेशन के खास आरिफ अशरफी, हुसैन, बैतुलमाल कमेटी से अब्दुल हफीज़, अलीम सिद्दीकी व सैयद बाबा की भागीदारी रही। प्रोग्राम को कामयाब बनाने में अलमदद सोसाइटी से कौसर खान, शाहीन खान, लीना तज़नीम, कैसर इकबाल, शीरिन कुरैशी, दिलशाद, साबरा, दरख्शां अंजुम, नीलोफर, रुखसाना सिद्दीकी, समीना खान, रुबिना, तहमीना, डॉक्टर अमरीन, सैयद निसार, शमीमुद्दीन, दानिश कुरैशी, अब्दुल शमी, शादाब, आरिफ खान, शौकत इकबाल, तौहीद अली सिद्दीकी, अशरफ अली और अलीमुद्दीन ने कलीदी किरदार अदा किया।




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