ईद उल अजहा की रौनक रही, अम्न-ओ-अमां की दुआओं के लिए उठे हाथ

 जिल हज्ज, 1447 हिजरी 

फरमाने रसूल ﷺ

क्या मैं तुम्हें ये ना बता दूँ के जहन्नुम किस पर हराम है? फिर फरमाया जहन्नुम उस शख्स पर हराम है, जो लोगों के साथ नरमी और सहूलियत के मामला इख्तियार करें।

- तिर्मिज़ी 


bakhtawar adab


✅ बख्तावर अदब : भिलाई

    जुमेरात, 28 मई को शहर में ईद उल अजहा की रौनक रही। सुबह 7 बजे से शहर की अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में कसीर तादाद में मआशरे ने नमाज अदा की। इसके साथ ही तीन दिन तक चलने वाला कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान इस्पात नगरी से सफरे हज पर गए जायरीनों का हज पूरा होने की खुशियां उनके घरवालों ने मनाई।

    जामा मस्जिद सेक्टर-6 ईदगाह में सुबह 8 बजे नमाज अदा की गई।  भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट के सदर मिर्जा आसिम बेग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में मस्जिद में जारी कामों के साथ ट्रस्ट की आमदनीव खर्च का ब्यौरा दिया। नमाज के बाद मुल्क में अमन व तरक्की की दुआएं की गईं। ईदगाह मैदान में मौजूद मुख्तलिफ मजाहिब के नुमाईंदों गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट की ओर से सभी मेहमानों के लिए सेवइयों का इंतजाम किया गया था।

    नमाज के बाद घरों में कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। कुर्बानी का ये सिलसिला 30 मई तक जारी रहेगा। हज के मुबारक सफर पर जायरीनों के घर भी खुशियों का माहौल रहा। लोगों ने फोन और वीडियो कॉल पर बात कर अपने अजीजो अकारिब को हज पूरा होने की मुबारकबाद दी। इधर ईद की नमाज के बाद लोग कब्रिस्तान भी पहुंचे। जहां उन्होंने अपने मरहूमीन की कब्र पर फूल चढा कर फातिहा पढ़ी। ईद के मौके पर देर रात तक मुबारकबाद देने एक दूसरे के घरों में लोग पहुंचते रहे। ईद की नमाज को देखते हुए यातायात पुलिस ने ईदगाहों और मस्जिदों के आगे सुबह से ही चाक चौबंद इंतेजाम कर रखा था। 


आज इंसानियत को जिंदा रखने की जरुरत: हाफिज कासिम

    मर्कजी मस्जिद, पावर हाउस, कैम्प 2 मे ईदुल अजहा की नमाज इमाम हाफिज क़ासिम बस्तवी ने अदा करवाई। नमाज़ से पहले आवाम से खिताब करते हुए मौलाना जुनैद ने कहा कि हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम व उनके बेटे हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी इंसानियत के लिए बड़ा पैगाम है जो ये दर्स देती है कि अपनी महबूब चीज अल्लाह के राह में कुर्बान कैसे करें। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में इंसानियत को जिंदा रखने की जरुरत है। 

    अल्लाह के नबी हजरत मोहम्मद  ने सादगी की जिंदगी अपनाने,  दूसरों की खैर ख्वाही और अमन के लिए हमेशा कुरबानी की तालीम दी है, हमें उसी रास्ते पर चलना होगा। इस मौके पर सभी ने अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी मांग कर नेक और सीधे रास्ते पर चलने, आपसी मोहब्बत-भाईचारा कायम करने के साथ मुल्क की तरक्की अमन-चैन की दुआएं की। इस मौके पर सदर मोहम्मद असलम, नायब सदर इमामुद्दीन पटेल, सेक्रेटरी सैय्यद असलम, खजांची निजामुद्दीन, नायब  सेक्रेटरी  मोहम्मद अकरम, नायब खजांची हाफिज महफूज, युसूफ सिद्दीकी, हाफिज अहमद, जफर कुरैशी, अलीम, मोहम्मद सोहेल और अशरफ इनाम समेत कसीर तादाद में मौजूद लोगों ने एक-दूसरे को ईद उल अजहा की मुबारकबाद दी।  

अम्न-ओ-अमान की दुआ के लिए उठे हाथ 


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    शेर-ए-खुदा मस्जिद, हाउसिंग बोर्ड ईदगाह में हज़रत अल्लामा मौलाना ताज़िम रज़ा मिस्बाही ने नमाज अदा करवाई। मस्जिद कमेटी के सदर हाजी ताहिर सिद्दीकी की तरफ से नमाज़ियों को ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद पेश की गई। इस मौके पर हाजी एमएच सिद्दीकी, कमेटी के सरपरस्त इस्तेखार सिद्दीकी, रशीद खान, हाजी मुश्ताक अहमद, ज़ाकिर हुसैन, मोहम्मद, अब्दुल माजिद उर्फ गुड्डु भाई, सैय्यद इरफ़ान रिज़वी, जावेद खान, अहमद हुसैन, रियाज अहमद, फ़िरोज़ अहमद, मेराज अहमद खान, नज़ीर खान, अबरार रज़ा, आफ़ताब हुसैन, समर, सुब्हान अंसारी और फ़िरोज़ उस्ताद वगैरह मौजूद थे। 


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