मुहर्रम उल हराम, 1447 हिजरी
﷽
फरमाने रसूल ﷺ
जिस बंदे के कदम अल्लाह की राह में गुबार आलूद हो गए उन्हें जहन्नम की आग छुए, ये नामुमकिन है।
-सहीह बुखारी
✅ बख्तावर अदब : भिलाई
मुहर्रम के मौके पर करबला के शहीदों की याद में शहर में जारी 10 रोजा प्रोग्राम के बाद शहर के सभी इमामबाड़ों में परचम-ए-इस्लाम फहराने के साथ ही फातिहा ख्वानी हुई। इस दौरान जगह-जगह तकरीरी प्रोग्राम, मिलाद शरीफ, नौहा व कुरआन ख्वानी भी हुई। अंजुमन हुसैनिया कमेटी की जानिब से जोन-1, खुर्सीपार में 8 मुहर्रम पर 24 जून की रात सैयद आलमगीर अशरफ ने शोहदा-ए-कर्बला के मौजूद पर कौम से खिताब किया।
बड़ी तादाद में मौजूद लोगों के बीच करबला के शहीदों का बयान करते हुए इंटरनेशनल सुन्नी सेंटर नागपुर के फाउंडर और महबूब उल उलेमा फाउंडेशन किछौछा शरीफ के बानी सैयद आलमगीर अशरफ ने हजरत इब्राहीम (अलैहे इस्लाम) से लेकर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम तक का जिक्र किया। उन्होंने हजरत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की अपने बेटे हजरत इस्माइल (अलैहिस्सलाम) और करबला में हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की कुरबानी का तफसील से बयान किया। करबला के शहीदों के बयान सुन कर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। आखिर में सलाम पेश फातिहा ख्वानी हुई।
तकरीर के बाद कमेटी की जानिब से मेन स्ट्रीम और सोशल मीडिया के मुख्तलिफ शोबों से जुड़े नौजवानों का इस्तकबाल किया गया। अंजुमन हुसैनिया के सदर हुसैन अली अशरफी की मौजूदगी में अल्लामा आलमगीर अशरफ ने यहां प्रिंट मीडिया से शाहनवाज आलम, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से मुहम्मद शारिक अहमद खान और सोशल मीडिया से साहिल खान, अरसलान खान व आदिल हुसैन का इस्तकबाल किया। उन्होंने सभी नौजवानों की कामयाबी के लिए दुआएं की।
इस दौरान स्टेज पर मौलाना मुफ्ती साजिद सकाफी अशरफी, मुफ्ती जामी कमर अजहरी, मौलाना महबूब गौहर, मौलाना इसरार, हाफिज कुद्दुस, मोहम्मद ताहिर, मौलाना हाफिज कय्यूम, हाफिज शमशेर, हाफिज मोहम्मद शहादत, हाफिज मोहम्मद शफीक, हाफिज समीर, हाफिज गुलाम रजा और कमालुद्दीन अशरफी सहित तमाम लोग मौजूद थे।
यौमे आशूरा पर पढ़ी गई दुआए आशूरा, ताजिया व अखाड़ों ने किया गश्त
कर्बला के शहीदों की याद में शहर में अलग-अलग प्रोग्राम हुए। इस जुमरे में में खुर्सीपार में अंजुमन हुसैनिया की जानिब से 24-25 जून की दरमियानी रात 8 मुहर्रम को इमाम हसन अलैहिस्सलाम की चौकी निकाली गई। इस दौरान फातिहा ख्वानी हुई। वहीं 25 जून की रात सेक्टर-6 ईदगाह के पास, फरीद नगर और दीगर जगहों पर अकीदतमंदों ने अलाव पर चलकर करबला के शहीदों के लिए अपनी मुहब्बत का इजहार किया। यौमे आशूरा पर 26 जून बरोज जुमा को शहर की सभी मस्जिदों में बाद नमाजे जुमा दुआए आशूरा पढ़ी। रात को ताजिया व अखाड़े निकाले गए।
पार्षद पीयूष ने किया अकीदत का इजहार
मुहर्रम शरीफ के मुबारक मौके पर हाउसिंग बोर्ड ईदगाह मैदान में अखाड़ा खेल रहे अंजुमन शेर-ए-ख़ुदा कमेटी के बीच पार्षद पीयूष मिश्रा ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने करबला के शहीदों के तंई अकीदत का इजहार करते हुए खिलाड़ियों और कमेटी के अराकीन की हौसला-अफ़ज़ाई की। अंजुमन शेर-ए-ख़ुदा कमेटी ने पार्षद पीयूष के तंई शुक्रगुजारी का इजहार किया।
खानकाह में की परचम कुशाई
नंदिनी एयरोड्रम के पास ग्राम बीरेभाठ, मुराद नगर में हजरत बाबा भोला शफी शाह, रहमतुल्लाह अलैह की ख़ानकाह में करबला के शहीदों की याद में परचम कुशाई की गई। 7 मुहर्रम को ईमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद में ख़ानकाह के ख़ादिम हसन बाबा ने परचमे हुसैनी फहराया। यहां मौजूद तमाम अक़ीदतमंदों ने ईमाम हुसैन अलैहिससलाम और उनके 72 जां निसारों के तंई अपनी अकीदत पेश की।

.jpg)



0 टिप्पणियाँ