भिलाई में होगा अदीबों का संगम, एक शाम, मरहूम शायरों के नाम 11 को

  मुहर्रम उल हराम, 1447 हिजरी 

   फरमाने रसूल      

मोमिन को पहूंचने वाली हर तकलीफ, बीमारी, गम, थकावट और फ़िक्रमन्दी के बदले उसके गुनाह मिटा दिए जाते है।

- सहीह मुस्लिम 

आईना-ए-अदब की बैठक लिया फैसला, प्रोग्राम की तैयारियों को दी हतमी शक्ल


bakhtawar adab, hamza travel tales


बख्तावर अदब : भिलाई

    आईना-ए-अदब उर्दू-हिंदी संगम तंजीम भिलाई-दुर्ग की जानिब से 11 जुलाई को एक शाम, मरहूम शायरों के नाम प्रोग्राम का एहतेमाम किया जा रहा है। इसे लेकर गुजिश्ता रोज आईना-ए-अदब की बैठक हुई। इंडियन कॉफी हाउस, सुपेला में मुनाकिद बैठक में रियासत के अदीबों की फेहरिस्त को हतमी शक्ल देते हुए अहलकारों, अराकीन को जिम्मेदारी बांटी गई।

     ➧ ➧ मज़हब-ए-इस्लाम की रोशन तारीख, सकाफत और उर्दू अदब से वाबस्तगी के लिए पढ़ते रहें बख़्तावर अदब … 

    आईना-ए-अदब के अहलकारों ने बताया कि प्रोग्राम में समूचे छत्तीसगढ़ से हिंदी-उर्दू अदब से जुड़े खास लोगों की मौजूदगी रहेगी। बैठक में आईना ए अदब के सरपरस्त एडवोहकेट शकील अहमद सिद्दीकी, सदर हाजी रियाज खान गौहर, महासचिव नौशाद अहमद सिद्दीकी, संयोजक शौकत इक़बाल और सेक्रेटरी जावेद हसन समेत दीगर मौजूद थे। 


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ