मुहर्रम उल हराम, 1447 हिजरी
﷽
फरमाने रसूल ﷺ
मोमिन को पहूंचने वाली हर तकलीफ, बीमारी, गम, थकावट और फ़िक्रमन्दी के बदले उसके गुनाह मिटा दिए जाते है।
- सहीह मुस्लिम
आईना-ए-अदब की बैठक लिया फैसला, प्रोग्राम की तैयारियों को दी हतमी शक्ल
✅ बख्तावर अदब : भिलाई
आईना-ए-अदब उर्दू-हिंदी संगम तंजीम भिलाई-दुर्ग की जानिब से 11 जुलाई को एक शाम, मरहूम शायरों के नाम प्रोग्राम का एहतेमाम किया जा रहा है। इसे लेकर गुजिश्ता रोज आईना-ए-अदब की बैठक हुई। इंडियन कॉफी हाउस, सुपेला में मुनाकिद बैठक में रियासत के अदीबों की फेहरिस्त को हतमी शक्ल देते हुए अहलकारों, अराकीन को जिम्मेदारी बांटी गई।
आईना-ए-अदब के अहलकारों ने बताया कि प्रोग्राम में समूचे छत्तीसगढ़ से हिंदी-उर्दू अदब से जुड़े खास लोगों की मौजूदगी रहेगी। बैठक में आईना ए अदब के सरपरस्त एडवोहकेट शकील अहमद सिद्दीकी, सदर हाजी रियाज खान गौहर, महासचिव नौशाद अहमद सिद्दीकी, संयोजक शौकत इक़बाल और सेक्रेटरी जावेद हसन समेत दीगर मौजूद थे।

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