रबि उल अव्वल, 1448 हिजरी
﷽
फरमाने रसूल ﷺ
जो शख्स अपने भाई के लिए उसकी पीठ पीछे दुआ करे तो जो फरिश्ता उसके लिए मुकर्रर है, वो कहता है, आमीन और तुम्हें भी उसके मानिंद अता हो।
-सहीह मुस्लिम
ﷺ बख्तावर अदब : बिलासपुर
गुजिश्ता दिनों हजरत बिलाल मस्जिद, राजेंद्र नगर में हुए इंतेखाब में जमात ने मुहम्मद आरिफ को सरे नौ मुतवल्ली मुंतखब किया। इंतेखाबी कमेटी के अराकीन ने बड़ी खूशनूदी से इंतेखाबी अमल को अंजाम तक पहुंचाया। इंतेखाबी अमल में कमेटी के अराकीन राजिक ख़ान, अब्दुल लतीफ, असगर ख़ान, शेख़ खुदा बख्श, सैय्यद इमरान अली समेत जमात ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
शाईर जमाली को आईना-ए-अदब ने एजाज से नवाजा
भिलाई : अंचल की अदबी तंजीम आईना-ए-अदब (उर्दू-हिन्दी संगम) की जानिब से बुजुर्ग अदीबों को एजाज से नवाजे जाने की रिवायत शुरू की गई है। इसकी शुरुआत गुजिश्ता दिनों रियासत के बुजुर्ग शाईर गौहर जमाली को एजाज से नवाज कर की गई।
आईना-ए-अदब और आरंभ साहित्यिक संस्था, भिलाई के ओहदेदारों ने अशोक नगर, रायपुर में वाके उनके दौलतकदे पहुंचकर उस्ताद शायर मोहम्मद सज्जाद अली गौहर, जमाली को एजाज से नवाजा। ओहदेदारों उनकी खैरियम पूछी जिसके बाद शेर-ओ-शाइरी का दौर चला। बुजुर्ग शायर जमाली ने सभी मेहमानों का इस एजाज के लिए शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर शौकत इक़बाल, हाजी रियाज़ खान गौहर, डा. नौशाद अहमद सिद्दीकी और मोहम्मद अबू तारिक मौजूद थे। गौरतलब है कि गौहर जमाली ने साल 1963 से शायरी की शुरुआत की थी। उन्होंने मुल्क के कई अहम मुशायरों में अपने कलाम पढ़े हैं और अदब के मुख्तलिफ मंचों पर लगातार सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें हाजी हसन अली राज्य अलकंरण से भी सम्मानित किया है।

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