ईद उल अजहा की छुटटी 28 को करें, नजरशानी की गुजारिश, हजरत सैय्यद सालार मसऊद गाजी का उर्स मनाया गया

जिल हज्ज, 1447 हिजरी 

फरमाने रसूल ﷺ

कयामत के दीन मोमिन के मीज़ान में अखलाक-ए-हसना (अच्छे अखलाक) से भारी कोई चीज़ नहीं होगी, और अल्लाह ताअला बेहया और बदज़बान से नफरत करता है।

- जमाह तिर्मिज़ी

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✅ बख्तावर अदब : भिलाई 

    छत्तीसगढ़ रियासत स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के रियासती जनरल सेक्रेटरी सैय्यद असलम ने ईदुल अजहा की छुटटी पर नजरशानी करने की गुजारिश की है। गौरतलब है कि कैलेंडर के मुताबिक ये छुटटी 27 मई है जबकि ईदुल अदहा 28 मई को मनाई जाएगी। 

    इस सिलसिले में सैयद असलम ने वजीरे आला विष्णुदेव साय और चीफ सेक्रेटरी छत्तीसगढ़ हुक्काम को खत भेज कर गुजारिश की है कि ईदुल अदहा मुल्कभर में 28 मई को मनाई जाएगी। खत में उन्होंने आगे लिखा है कि इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक चांद की 10 वीं तारीख 28 मई को पड़ रही है। इसे देखते हुए उन्होंने ईदुल अदहा की छुटटी 27 की बजाए 28 मई को करने की गुजारिश की है ताकि नौकरीपेशा को कोई दुश्वारी पेश न आए। 

    गुजारिश करने वालों में संघ के सलाहकार व बानी ओपी शर्मा, प्रांताध्यक्ष अनिल पांडेय व प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष आरडी दीवान, महामंत्री एसपी देवांगन, प्रमेश पाल, अजय नायक, बीके शुक्ला, सत्येंद्र गुप्ता, भूपेश उपाध्याय, लक्ष्मीकांत धोटे, रोशन सिंह, जी मोहन राव, एम पंड्या, खिलावन चंद्राकर, धनीराम ठाकुर, कुलेश्वर देशमुख, आर विश्वास, हर्षा मानिकपुरी, सोनसीर देशलहरे, शतरूपा निर्मलकर, नारायण साहू, वर्षा वर्मा, कविता साहू और मंजू राय वगैरह शामिल हैं। 

सेक्टर-7 में सैय्यद सालार मसऊद गाजी का उर्स मनाया गया

भिलाई। हजरत सैयद सालार मसऊद गाजी रहमतुल्लाह अलैह का 27 वां उर्स पाक 21 मई, बरोज जुमेरात को सेक्टर-7 मार्केट में मनाया गया। गौरतलब है कि हजरत सैयद सालार मसऊद गाजी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह शरीफ मजहबी यकजहती और हम आहंगी की मिसाल है। हजरत के उर्सपाक में सभी मजाहिब के लोग कसीर तादाद में शामिल होते हैं। उर्स के दौरान कव्वाल शहीद फरीद निजामी (झाँसी) ने अपने कलाम पेश किए। इस मौके पर खुसूसी तौर पर वार्ड पार्षद लक्ष्मीपति राजू, तंजीम के सदर दीपक कुमार कनौजिया, राकेश कनौजिया, नदीम तिवारी, आलोक कुमार चंदा, केके नन्दी, मुकेश कनौजिया, रोशन कनौजिया, आकाश कनौजिया, दर्शन कनौजिया, मोहम्मद इमाम खान, जुल्फिकार सिद्दीकी के अलावा तंजीम के अहलकार व अराकीन और कसीर तादाद में अकीदतमंद मौजूद थे। 


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