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जीअकादा, 1447 हिजरी
﷽
फरमाने रसूल ﷺ
कोई बंदा उस वक्त तक मोमिन नहीं हो सकता, जब तक अच्छी और बुरी तकदीर पर इमान ना लाए, यहाँ तक कि वो जान ले कि जो चीज़ उसे मिलने वाली थी, उसे ही मिली, किसी के पास नहीं जा सकती, जो चीज़ उसे नहीं मिलनी थी, वह किसी सूरत उसे नहीं मिलनी है।
- जामाह तिर्मिज़ी
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मुस्लिम इंतजामिया कमेटी और शेर-ए-खुदा मसजिद कमेटी ने आजमीने हज का किया इस्तकबाल
मुस्लिम इंतजामिया कमेटी की जानिब से आजमीने हज का इस्तकबाल किया गया। जामा मस्जिद, सेक्टर-6 के कम्युनिटी हॉल में मुनाकिद इस्तकबालिया तकरीब में दुर्ग-भिलाई के 60 से जाईद जायरीन का गुलपोशी कर और तहाईफ देकर इस्तकबाल किया गया। इस दौरान जामा मस्जिद सेक्टर-6 के इमाम हाफिज इकबाल अंजुम हैदर, हाफिज असगर अली और हाफिज कारी शहादत हुसैन ने आजमीने हज को मुबारकबाद दी और हज की अहमियत बयान की। निजामत मौलाना गुलाम मोहिउद्दीन ने की।
आजमीने हज में इफ्तेखार खान, मुस्तफा अली, मोहम्मद सलीम, हामिद खान, शफी मास्टर, मोहम्मद मोहसिन, रफी उल हक, मंजूर आलम, इस्माइल गौरी, सय्यद यूनुस अली, रिजवान, नसीरुद्दीन, मोहम्मद फहीम, मिर्जा इरफान बेग, फिरोज हुसैन, अब्दुल रशीद, अफजल अनीस, अब्दुल हक, शेख सखावत, डॉ. शेख आदिल, हाजी गुलाम रसूल, मंजर आलम, गुलाम हसीब अंसारी, जाकिर अहमद काजी, अब्दुल मजीद, हामिद उल्ला खान, हमीद उद्दीन सिद्दीकी, अब्दुल वहीद, हसन कोया, इसराइल सिद्दीकी, इश्तियाक अहमद, अजमल, जीएम अंसारी, एमआई खान के अलावा 37 खवातीन शामिल थीं।
आखिर में सलात-ओ-सलाम का नजराना पेश किया गया और दुआए खैर की गई। तकरीब को कामयाब बनाने में मुस्लिम इंतेजामिया कमेटी के मोहम्मद सईद, शमशीर कुरैशी, अमीर अहमद, मिर्जा मुकीम बेग, निजाम उद्दीन, मोहम्मद जफर, खुर्शीद आलम, अमीन, हाजी कमरुद्दीन, शेख कमाल, सय्यद सरफराज अली, इनाम एडवोकेट, गुलजार अहमद, नसीरुद्दीन, नसीम अहमद, मोहम्मद यूनुस सिद्दीकी, मोहम्मद नासिर, हाजी शब्बीर अहमद, सलीम खान, नवाब, मोहम्मद अफजल, शब्बीर कुरैशी, कलाम खान, शादाब अहमद, कादिर रजा सिद्दीकी, शमीम अहमद, अकबर अली, शमीम अशरफी, सुबराती खान, अखलाक अहमद, रईस खान, मोहम्मद रशीद, अब्बास, राजिक, साजिद, वकील अहमद, अब्दुल फरीद, वकार अहमद, वहाब अहमद, साहिल बेग, अनस कुरैशी, राशिद रजा, हाजी एमएच सिददीकी और ओवेस अहमद वगैरह ने कलीदी किरदार अदा किया।
रिटायरमेंट पर निसार का किया इस्तकबाल
भिलाई। जिला अस्पताल, दुर्ग में सहायक ग्रेड-1 मिर्ज़ा निसार अहमद का इस्तकबाल कर उन्हें एजाज से नवाजा गया। प्रोग्राम से खिताब करते हुए मेहमाने खुसूसी सीएमएचओ डॉ. आशिषन मिंज ने मिर्जा निसार के काम और कुलीग के साथ उनके रवैये की सताइश की। मिर्ज़ा निसार ने 1987 में निम्न श्रेणी लिपिक (बाबू) के ओहदे पर फाईज होकर सहायक ग्रेड 2 के ओहदे तक कामयाब सफर किया। इसी तरह आरएमओ डॉ. अखिलेश यादव, डॉ. सरिता मिंज और डॉ. विनिता धुव्र ने भी मिर्ज़ा निसार की तारीफ करते हुए उनके बेहतर मुस्तकबिल की दुआएं की।
जीवन दीप समिति के अराकीन प्रमोद बाग व विजय ताम्रकार, संभागीय अध्यक्ष अजय नायक, जिला अध्यक्ष सत्येंद्र गुप्ता, लिपिक वर्गीय अध्यक्ष विजय जॉन, नर्सिंग सिस्टर की अध्यक्ष मंजू राय और मेट्रन चित्र रेखा बोरकर ने उन्हें खादिमे खल्क बताते हुए उनकी खिदमात के तंई इजहारे तशक्कुर किया।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम लिपिक संवर्ग से मुख्य लिपिक रीना देवदास गौतम साहू, आरएस बघेल, विशाखा मेश्राम, तृप्ति वर्मा, अनीता मिश्रा, अखिलेश साहू, रुचि शर्मा, नीलोफर अंजुम, दिनेश सिंह, विजेन्द्र वर्मा, फार्मासिस्ट रमन गंधर्व, रानू राजपूत, चतुर्थ श्रेणी मे संतोष सोनी, ओमप्रकाश यादव और जीवन दीप समिति की सरस्वती चंद्राकर सहित जिला अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। प्रोग्राम की कार्रवाई संभागीय अध्यक्ष अजय नायक ने चलाई। मंजू राय ने इजहारे तशक्कुर किया।



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