मआशरे के लिए व्हीकल 'आखिरी सफर' हो रहा तैयार, तआवुन की गुजारिश

 जिल हज्ज, 1447 हिजरी 

फरमाने रसूल ﷺ

जिस बंदे के कदम अल्लाह की राह में गुबार आलूद हो गए उन्हें जहन्नम की आग छुए, ये नामुमकिन है। 

-सहीह बुखारी 


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इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी की जानिब से खरीदी गई चेचिस


0 दम तोड़ रही उर्दू को सरे नौ जिंदा करने और दीनी व मजहबी मुआमले को लेकर अपनी सोच व फिक्र का जवाब तलाशने के लिए हमसे जुड़े …… हम हैं ‘ बख्तावर अदब’ ….

✅ बख्तावर अदब : दुर्ग

    अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी की जानिब से मआशरे की सहूलत के लिए व्हीकल 'आखिरी सफर' का इंतेजाम किया जा रहा है। कमेटी की जानिब से व्हीकल खरीदा जा चुका है, जिसे 'आखिरी सफर' के मुताबिक तैयारा कराया जाना है। 


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मआशरे के तआवुन से ये शक्ल दी जानी है


    कमेटी के सदर सैयद आसिफ के मुताबिक करीब छह लाख में रुपए में खरीदे गए वाहन को 'आखिरी सफर' के मुताबिक तैयार कराने में करीब दो लाख रुपए का खर्च आएगा। इसके लिए कमेटी ने मआशरे के होशमंद लोगों से माली तआवुन की अपील की है। तआवुन करने के ख्वाहिशमंद हजरात दिए गए क्यूआर कोड में रकम देकर इस कार-ए-खैर में शामिल हो सकते हैं। ये क्यूआर कोड कमेटी के सदर सैयद आसिफ का है। 


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कमेटी के सदर सैयद आसिफ को करें तआवुन


    सदर आसिफ ने बताया कि व्हीकल 'आखिरी सफर' का फायदा दुर्ग-भिलाई के लोग मुफ्त उठा सकते हैं। इसका फायदा घर से कब्रिस्तान तक मैयत को पहुंचाने के अलावा अस्पताल से घर और यहां तक कि एतराफ तक भी मैयत पहुंचाने के लिए उठाया जा सकता है। 


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