ज़ाकिर की किताब 'भिलाई ज़िंदाबाद' का इजरा अमल में आया, आजमीने हज का किया इस्तकबाल

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फरमाने रसूल   ﷺ

मोमिन को पहूंचने वाली हर तकलीफ, बीमारी, गम, थकावट और फ़िक्रमन्दी के बदले उसके गुनाह मिटा दिए जाते है।

- सहीह मुस्लिम 

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भिलाई को जानने के लिए पढ़ें 'भिलाई ज़िंदाबाद'
आजमीने हज का इस्तकबाल करना हमारी खुशनसीबी:इंद्रजीत
आलिमे दीन ने बताई हज की अहमियत, सभी ने की दुआएं

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✅ बख्तावर अदब : भिलाई 

    हज के मुबारक सफर पर जा रहे दुर्ग-भिलाई के खुशकिस्मत जायरीनों का अवाम ने इस्तकबाल किया। 19 अप्रैल, बरोजे इतवार की शाम कृष्णा गार्डन, शांति नगर में मुनाकिद इस्तकबालिया प्रोग्राम में 40 से ज्यादा मुकामी आजमीने हज का गुलपोशी कर इस्तकबाल किया गया। इस मौके पर उन्हें तहाईफ भी दिए गए। 
    ट्रांसपोर्टर व सोशल वर्कर अब्दुल गनी खान और हज़रत बिलाल मस्जिद हुडको के सदर शाहिद अहमद (रज्जन) की जानिब से मुनाकिद इस्तकबालिया प्रोग्राम में जामा मस्जिद सेक्टर-6 के इमाम इकबाल अंजुम हैदर, जोन-3 मस्जिद के मुफ्ती जामई कमर, हुडको हजरत बिलाल मस्जिद के मुहम्मद माजिद और फरीद नगर नूरी मस्जिद के इमाम मौलाना जलालुद्दीन समेत मौजूद लोगों ने जायरीनों के लिए हज के सफर की आसानी और हज की कुबूलियत के लिए दुआएं की। शुरुआत में अपनी तकरीर में आलिमे दीन ने हज की अहमियत औऱ इससे जुड़ी जरूरी बातें बयान की। सभी खुशकिस्मत जायरीनों को मुबारकबाद पेश की गई। फातिहा ख्वानी के साथ सलाम पेश किया गया और दुआएं की गई।  

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मज़हबी यकजहती की मिसाल बना प्रोग्राम 

प्रोग्राम में दीगर मजाहिब के नुमाइंदों ने भी शिरकत की। नवजवान सोशल वर्कर और सर्व समाज कल्याण समिति के खास इंद्रजीत सिंह छोटू ने जायरीनों का इस्तकबाल करते हुए कहा कि वहां जाने पर दुआओं में हम सभी को जरूर याद रखें। उन्होंने कहा कि इस मुबारक सफर पर जाने से पहले आप सभी का इस्तकबाल कर हम खुद को खुशनसीब मानते हैं। छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के सदर जसवीर सिंह चहल ने कहा कि इस्पात नगरी भिलाई का भाईचारा ऐसे प्रोग्राम से मजबूत होता है। उन्होंने जायरीनों को मुबारकबाद पेश की। प्रोग्राम में मौजूद सीनियर पार्षद व महापौर परिषद सदस्य सीजू एंथोनी, पलविंदर सिंह रंधावा, सर्व समाज कल्याण समिति के महासचिव मलकीत सिंह और उपाध्यक्ष जोगा राव ने भी जायरीनों का इस्तकबाल किया। 
प्रोग्राम को कामयाब बनाने में जावेद खान, हुसैन अशरफी, अकबर बब्बू अली, शाहनवाज कुरैशी, उजैर कादरी, जहीर अहमद, अमीर अहमद, खलील अहमद, इसरार खान, शादाब अहमद, परवेज सलमानी, सैयद अली, माबूद अहमद, इनाम वकील, फलकनुमा मस्जिद के सदर जाकिर काजी, बोरसी मस्जिद के डॉ. आदिल, शफी अहमद, अब्दुल हक, सिद्दीकी, मस्जिद हजरत बिलाल के सेक्रेट्री नईमुद्दीन, आसिफ, लाला कुरैशी, हनीफ मोहम्मद, सलीम अहमद, नदीम निजामी और जमालुद्दीन सहित तमाम लोगों ने कलीदी किरदार अदा किया। 

भिलाई जिंदाबाद का इजरा अमल में आया 

मुसन्निफ को एजाज से नवाजा


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इस मौके पर मौजूद तमाम मस्जिदों के इमाम और कमेटी की जानिब से इस्पात नगरी भिलाई पर मुनहस्सिर किताब भिलाई जिंदाबाद, कुछ किस्से-कुछ कहानियां का इफ्तिताह अमल में आया। जामा मस्जिद सेक्टर-6 के इमाम इकबाल अंजुम हैदर, जोन-3 मस्जिद के मुफ्ती जामई कमर, हुडको हजरत बिलाल मस्जिद के मुहम्मद माजिद और फरीद नगर नूरी मस्जिद के इमाम मौलाना जलालुद्दीन सहित तमाम लोगों ने शहरे भिलाई को जानने-समझने के लिए इसे एक जरूरी किताब बताया। 
इस दौरान किताब के मुसन्निफ मुहम्मद जाकिर हुसैन का कमेटी की जानिब से शाहिद अहमद रज्जन और तमाम आलिमे दीन ने इस्तकबाल किया। गौरतलब है कि  भिलाई जिंदाबाद किताब का इजरा गुजिश्ता दिनों राजधानी रायपुर में फिल्मकार अनुराग बसु के हाथों हुआ था।
 

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