हज़रत चांद शाह वली (रहमतुल्लाह अलैह) का सालाना उर्स, शाही संदल के जुलूस ने किया शहर का गश्त

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जीअकादा, 1447 हिजरी 

   फरमाने रसूल      

जो खाने के बाद बर्तन को चाट लेगा, वह बर्तन उसके लिए अस्तगफर करेगा, वो बर्तन कहता है, अल्लाह ताअला तुझको जहन्नम से आज़ाद करे, जिस तरह से तूने मुझे शैतान से निजात दी।

- इमाम अहमद 

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bakhtawar adab sayeed khan


✅बख्तावर अदब : रायपुर
 

    हज़रत सैयद चांद शाह वली (रहमतुल्लाह अलैह) तीन मजार का सालाना उर्स मनाया जा रहा है। उर्स पाक की शुरूआत शाही संदल व चादर निकालने से हुई जो शहर का गश्त करता हुआ आस्ताने पहुंचा जहा चादर पोशी की रस्म अदा कर दुआ-ए-खैर की गई। 

वहां आते हैं फरिश्ते

    आस्ताने आलिया में कौम से खिताब करते हुए मौलाना तौकीर जिया जामई ने कहा, जहां खुदा की हम्द-ओ-सना होती है, वहां फरिश्ते आते हैं। खुदा की नजर अपने नेक बंदो पर हमेशा रहती है। उन्होंने कहा, लोगो को नेक आमाल करने चाहिए जिससे दीन और दुनिया सवर जाए। शहर काजी मौलाना कारी इमरान ने सब्र का दामन थामे रहने और और गुनाह से बचने की नसीहत की। उन्होंने कहा, नेक आमाल के साथ सभी से अच्छे सुलूक से पेश आएं। इस दौरान अब्बास कादरी ग्रुप ने शानदार नात पाक पेश की।

असलम रायपुरी ने कव्वाली से बांधा समा 


bakhtawar adab sayeed khan


    शहर के उभरते कव्वाल असलम रायपुरी ने जब पुकारो मेरे मौला को पुकारोङ्घ, तेरे इश्क में भूल चुका हूं खुद कोङ्घ, नजर में कोई और सूरत बसती नहीं चांद शाह बाबाङ्घ., मै बलहारी जाऊ चांद शाह बाबाङ्घजैसे कलाम पेश किए। अगले रोज कुल शरीफ की फातिहा हुई जिसमें इमाम ओ खतीब ने आस्ताने में मौजूद जायरीन के साथ, मुल्क, रियासत और कौम की खुशहाली और तरक्की की दुआ की। इस दौरान कसीर तादाद में सभी मजाहिब के लोग मौजूद थे। गौरतलब है कि हजरत चांद शाह वली रहमतुल्लाह का उर्स कौमी एकता की मिसाल है। उर्स का इख्तेताम इतवार को होगा। 



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