रमजान उल मुबारक, 1447 हिजरी
﷽
फरमाने रसूल ﷺ
आलाह ताअला फरमाता है,:ऐ इंसान! मेरी इबादत के लिये फारिग हो जा, मैं तेरे दिल को मालदारी (कनाअत) से भर दूंगा, तेरी मोहताजी खत्म कर दूंगा, और अगर तू ऐसा नहीं करेगा तो मैं ऐसे कामों में मसरूफ कर दूंगा जो तेरे मुकद्दर में नहीं और तेरी मोहताजी खत्म नही करुँगा।*
- सुनन इब्न माजह
✅ बख्तावर अदब : भिलाई
माहे रमज़ान में जमात-ए-इस्लामी हिन्द की जानिब से गुजश्ता दिनों दावत-ए-इफ्तार पार्टी का एहतेमाम किया गया। भाईचारगी और हम आहंगी के मकसद से फरीद नगर में मुनाकिद इफ्तार पार्टी में शहर के मुख्तलिफ समाजी व मजहबी तंजीमों के रहनुमाओं ने एक साथ इफ्तार किया। इफ्तार के बाद मग्रिब की नमाज अदा की गई जिसके बाद मुल्क, रियासत और कौम की बेहतरी और तरक्की के लिए दुआएं की गई।
इस मौके पर इकरा टीचर्स एसोसिएशन के सदर अजमत उल्लाह खान, भिलाई वेलफेयर सोसायटी के सदर यासीन खान, स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ इंडिया (एसआईओ) के साबिक सदर मोहम्मद आमिर, दारूल क़ज़ा आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के शहर काजी मुफ़्ती सुहैल कासमी और जमात ए इस्लामी हिन्द छत्तीसगढ़ के साबिक सदर शब्बीर खान ने माहे रमजान की बरकतों और अजमतों पर बात की। उन्होंने कहा, रमजान का महीना महज इबादत का नही, इंसानियत, भाईचारे और कौम की खिदमत का भी पैगाम देता है।
उन्होंने आगे कहा, रोज़ा इंसान को परहेजगारी की हिदायत के साथ जरूरतमंदों के लिए रहमदिल बनाता है। उन्होंने कहा, इफ्तार पार्टी समाज में आपसी समझ, भाईचारे और समाजी यकजहती को मजबूत करने का अहम जरिया है। पार्टी में मौजूद लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे मोहब्बत और मेलजोल बढ़ाने वाली पहल बताया। आखिर में अबू हुरैरा अकादमी के सदर हाफिज अमान ने दुआए की। पार्टी की कार्रवाई मोहम्मद साबिर ने किया और आखिर में जमात ए इस्लामी हिन्द के शहर सदर एजाज अहमद ने सभी के तंई शुक्रगुजारी का इजहार किया।
पार्टी को कामयाब बनाने में नियाज़ अहमद, ख़ुर्शीद हिलाल, मोहम्मद जावेद, आरिफ खान, अहमद हसन, अमीन आरिफ, कलीम आरिफ, फरहान, रज़ा सिद्दीकी, अब्दुल रब्बानी, मतलूब अंसारी, ख़्वाजा मोईनुद्दीन, जावेद अहमद, केवी मोहम्मद, जावेद सिद्दीकी, अबुल हसन, शेख हारून और मौलाना जलील हसन नदवी समेत दीगर ने कलीदी किरदार अदा किया।
पार्टी को कामयाब बनाने में नियाज़ अहमद, ख़ुर्शीद हिलाल, मोहम्मद जावेद, आरिफ खान, अहमद हसन, अमीन आरिफ, कलीम आरिफ, फरहान, रज़ा सिद्दीकी, अब्दुल रब्बानी, मतलूब अंसारी, ख़्वाजा मोईनुद्दीन, जावेद अहमद, केवी मोहम्मद, जावेद सिद्दीकी, अबुल हसन, शेख हारून और मौलाना जलील हसन नदवी समेत दीगर ने कलीदी किरदार अदा किया।


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